कंडम जेसीबी में 6 माह पहले बदले लाखों के टायर
फरीदाबाद। नई खरीदी गई जेसीबी की बीमा राशि जारी करने में तकनीकी बिंदु निकाल कर अड़ंगे डालने वाले निगम के अधिकारियों ने छह माह में कंडम घोषित होने वाली जेसीबी में नए टायर डलवा दिए। कुछ ही दिन बाद कंडम घोषित कर दी गईं। यह जेसीबी अब कबाड़ में बेची जाएंगी, इनके साथ छह माह पहले ही डाले गए नए टायर भी कबाड़ के भाव बिकेंगे।
राष्ट्रीय हरित ट्रिब्युनल (एनजीटी) और न्यायपालिका के आदेश पर दिल्ली-एनसीआर में दस साल पुराने डीजल वाहन के संचालन पर प्रतिबंध है। नगर निगम में वर्ष 2008 में खरीदी गईं दस जेसीबी का कार्यकाल अक्तूबर 2018 में समाप्त होना था। निगम सूत्रों के अनुसार, इनमें से आधा दर्जन जेसीबी में अप्रैल-मई 2018 में नए टायर डलवाए गए। एक जेसीबी के चारों टायर एक लाख रुपये से अधिक खर्च में बदलते हैं। यानी छह माह बाद कंडम घोषित होने वाली इन जेसीबी के टायर सेट बदलने में छह लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिए गए। यह सभी दस जेसीबी अक्तूबर-नवंबर 2018 में समयावधि पूर्ण होने के कारण नगर निगम के स्टोर में खड़ी करवा दी गईं।
लाखों के टायर के साथ कबाड़ के भाव बिकेगी अब जेसीबी
निगम सूत्रों के अनुसार, यह जेसीबी अब कबाड़ के भाव बेची जाएंगी। उनके साथ लाखों रुपये के टायर भी कबाड़ के भाव में बिक जाएंगे। निगम अधिकारियों के अनुसार खराब टायरों को बदलवाना जरूरी हो गया था, यदि टायर नहीं बदलवाए जाते तो छह माह तक निगम के काम प्रभावित होते और किराए की जेसीबी में कहीं अधिक खर्च होता।
मुख्य अभियंता डीआर भास्कर ने मामले की जानकारी से इनकार करते हुए बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।