फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
पहले दिन 90 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित

फरीदाबाद। अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार से ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इससे औद्योगिक नगरी में पहले ही दिन करीब 90 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। उद्योग संगठनों का कहना है कि अगर हड़ताल लंबी चली तो कई फैक्ट्रियां अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत आ जाएगी।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी, वे हड़ताल नहीं खोलेंगे। हड़ताल के दौरान जरूरी सामान जैसे दूध, सब्जी आदि लाने ले जाने में किसी तरह की रोक नहीं है।
विज्ञापन

एसोसिएशन के जिला प्रधान सुरेश शर्मा ने बताया कि जिले में करीब 700 छोटे-बड़े ट्रांसपोर्टर हैं। इनके वाणिज्यिक वाहनों की संख्या 25000 से अधिक है। सुरेश शर्मा के अनुसार, एसोसिएशन के निर्णय के बाद बृहस्पतिवार से माल लाने ले जाने के लिए बुकिंग बंद कर दी गई थी। ऐसे में शुक्रवार को कोई भी वाहन सड़क पर नहीं उतरा। उन्होंने बताया कि एक दिन की हड़ताल में ट्रांसपोर्टरों को भी करीब 8.75 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कारोबारियों को 90 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा। साथ ही औद्योगिक नगरी में कारोबार पर खासा असर पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो हड़ताल लंबी चल सकती है।

ये हैै ट्रांसपोर्टरों की मांगें
- डीजल की कीमतें कम होनी चाहिए। डीजल को जीएसटी में शामिल किया जाए।
- ई-वे बिल से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं के चलते नियमों में संशोधन किया जाना चाहिए।
- तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता होनी चाहिए। जीएसटी की छूट होनी चाहिए। सरकार थर्ड पार्टी बीमा के दाम बढ़ाती जा रही है।
- बसों और पर्यटन वाहनों के नेशनल परमिट दिए जाएं।
- आठ रुपये लिए जाने वाले सेस को खत्म किया जाए। टोल बैरियर मुक्त होना चाहिए।
- ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से टीडीएस समाप्त होना चाहिए।

कोट
अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार से जिले के ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। सेक्टर-58 ट्रांसपोर्टर नगर में धरना दिया जा रहा है। हड़ताल लंबी चली तो इससे महंगाई बढ़ने की आशंका है। इससे सभी का नुकसान है। ऐसे में सरकार हमारी मांगों पर जल्द से जल्द विचार कर उन्हें लागू करे।
विज्ञापन

- सुरेश शर्मा, प्रधान, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।

एक दिन की हड़ताल से औद्योगिक नगरी में करीब 90 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। यदि हड़ताल लंबी चली तो कई फैक्ट्रियां अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत आ जाएगी। जिनके पास कच्चा माल नहीं होगा, वो लेबर को बुलाकर क्या करेंगे। वहीं, जिनका माल तैयार है तो उसे भेज नहीं सकते। माल बना-बनाकर कहा रखेंगे। दोनों ही स्थिति में फैक्ट्री बंद करनी पड़ेगी। ऐसे में उद्योगों को भारी नुकसान होगा।
- कर्नल एस. कपूर, कार्यकारी निदेशक, फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें