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स्वच्छता सर्वेक्षण: शहर की दो हजार संस्थाओं को भेजा नोटिस

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स्वच्छता सर्वेक्षण: ताज विवांता समेत शहर के सभी बड़े होटलों को नोटिस
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फरीदाबाद। शहर को स्वच्छ रखने की कवायद में जुटे नगर निगम प्रशासन की नजर अब उन संस्थाओं पर है जहां बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा निकलता है। यह संस्थाएं अपने यहां ठोस कचरे का प्रबंधन नियमानुसार करती हैं या नहीं निगम प्रशासन इसकी जानकारी जुटा रहा है। निगम प्रशासन ने सूरजकुंड रोड स्थित पांच सितारा होटल ताज विवांता, ताज ऐट्रीयम और नीलम बाटा रोड स्थित महालक्ष्मी, मिलेनियम, राजमंदिर समेत शहर के सभी नामचीन होटल, स्कूल, कंपनियां आदि संस्थाओं को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी कर पूछा गया है कि वह नियमानुसार कचरा निस्तारण करा रहे हैं या नहीं। निगम प्रशासन का कहना है कि नोटिस की यह आखिरी कार्रवाई थी। इसके बाद चालान प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कूड़ा प्रबंधन न करने वाले संस्थान पर बीस हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का जुर्माना वसूल किया जाएगा।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) उत्तर क्षेत्र की चेयरपर्सन राजवंत संधू ने इसी माह शहर का दौरा किया था। कचरा प्रबंधन खासकर बड़ी मात्रा में कूड़ा पैदा करने वाली संस्थाओं में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी प्रकट की थी। इससे हरकत में आए प्रशासन ने इन संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू की है। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी राकेश श्रीवास्तव के अनुसार जिन संस्थाओं में प्रतिदिन 30 किलोग्राम या उससे अधिक कूड़ा पैदा होता है उन्हें बल्क वेस्ट प्रोड्यूसर श्रेणी में रखा गया है। ऐसी संस्थाओं में ठोस कचरा प्रबंधन तंत्र लगा होना अनिवार्य है।
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संस्थान मशीन के जरिए जैव कूड़े को खाद में तब्दील करने और ठोस कचरे को तीन आर यानी रिड्यूज, रिसाइकिल और रियूज कर घटा सकते हैं। उनके अनुसार शहर में होटल, रेस्त्रां, स्कूल, कॉलेज, धार्मिक, सामाजिक संस्थाएं, मैरिज लॉन, हॉल आदि दो हजार से अधिक संस्थाएं हैं जिनमें प्रतिदिन औसतन 30 किलोग्राम या उससे ज्यादा कचरा निकलता है। इन सभी संस्थाओं को नोटिस जारी कर उनकी कचरा प्रबंधन व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी गई है। संस्था के मालिकों को घोषणा में बताना होगा कि उनके यहां रोज कितना ठोस कचरा उत्पन्न होता है और उसके निस्तारण की क्या व्यवस्था है। राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिन संस्थाओं में कचरा प्रबंधन व्यवस्था सही नहीं पाई जाएगी तो उनके खिलाफ कचरे निकलने वाली मात्रा के आधार पर बीस हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।
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