8-10 घंटे लग रहा बिजली कट, लोगों का बुरा हाल
कट से लोग परेशान, खराब हो रहे हैं उपकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-76 स्थित बीपीटीपी पार्क इलीट फ्लोर ‘वी’ ब्लॉक के लोग बिल्डर व बिजली निगम के बीच फंसे हुए हैं। वह नौ साल से व्यक्तिगत बिजली कनेक्शन की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि उन्हें सुविधा देने के नाम पर केवल गुमराह किया जा रहा है।
बीपीटीपी पार्क इलीट फ्लोर वी ब्लॉक में साल 2013 से 200 परिवार रह रहे हैं। लोगों का आरोप है कि बिल्डर की ओर से बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। दिन और रात में करीब 8-10 घंटे बिजली कट लग रहे हैं। जिससे गर्मी में बुरा हाल हो रहा है। बिजली का बैकअप नहीं होने के कारण लोगों के घरों में लगे बिजली संचालित उपकरण भी खराब हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि बिल्डर की ओर से सड़क पर लगीं स्ट्रीट लाइट के बिल का भुगतान भी स्थानीय निवासियों से कराया जाता है।
स्थानीय निवासी संजय मिश्रा सहित अन्य ने बताया कि बिजली कटौती से काफी परेशानी हो रही है। आरोप है कि बिल्डर मनमाना बिजली का बिल वसूल रहा है, जिससे लोग व्यक्तिगत बिजली कनेक्शन की मांग कर रहे हैं। मई 2023 में सेक्टर-15 ए स्थित जिमखाना क्लब में आयोजित बिल्डर और बिजली से संबंधित शिकायतों की बैठक में टाउन कंट्री एंड कंट्री विभाग के महानिदेशक टीएल सत्यप्रकाश सहित अन्य उच्च अधिकारी मौजूद रहे। लोगों का कहना है कि बिल्डर ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन लोग आज भी जूझ रहे हैं।
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लोगों से बातचीत
200 से ज्यादा परिवार बिजली कटौती से जूझ रहे हैं। हर 3 घंटे पर कट लग जाते हैं, इससे बिजली संचालित उपकरण खराब हो रहे हैं। वहीं गर्मी में बुरा हाल है।
-प्रणव देसाई, प्रधान आरडब्ल्यूए
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साल 2015 से बिजली विभाग व बिल्डर से लगातार व्यक्तिगत बिजली कनेक्शन की मांग की जा रही है। बिल्डर व निगम अधिकारियों द्वारा लोगों को केवल गुमराह किया जा रहा है।
-अभिषेक श्रीवास्तव, महासचिव आरडब्ल्यूए
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बिल्डर से बातचीत
हमने लोड शेडिंग के दौरान एक डीजी (डीजल जेनरेटर) उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी। वी-25 के निवासी अपने घर के सामने डीजी स्थापित करने की अनुमति नहीं दे रहा है। लोड शेडिंग के दौरान लोगों को ज्यादा से ज्यादा दो घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है।
-रोहित मोहन, वरिष्ठ उप प्रधान बीपीटीपी
अधिकारी से बातचीत
व्यक्तिगत बिजली कनेक्शन के लिए बिल्डर की ओर से डिमांड आएगी और तभी कुछ हो सकता है। अभी हमारे पास ऐसी कोई डिमांड नहीं आई है।
-नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम