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हनीट्रैप में फंसा फिजियोथेरेपिस्ट से 20 लाख मांगने वाले तीन धरे

Wed, 22 Jul 2020 05:01 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
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demo pic - फोटो : अमर उजाला।
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हनीट्रैप में फंसाकर फरीदाबाद के एक फिजियोथेरेपिस्ट से 20 लाख रुपये मांगने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में गिरोह का सरगना हरियाणा पुलिस का बर्खास्त सिपाही है।

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पुलिस पीआरओ एसीपी धारणा यादव ने बताया कि नकली पुलिसकर्मी बनकर चलाए जा रहे हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इसमें दिल्ली की रहने वाली एक महिला भी शामिल है, जोकि फिजियोथेरेपिस्ट के क्लीनिक में अपने अंकल को दिखाने के बहाने गई थी।

रोज आने का बहाना कर उसने डॉक्टर से दोस्ती कर ली और उसे गेस्ट हाउस में ले गई, जहां पहले से मौजूद महिला के दो साथियों ने उसकी तस्वीरें खींचकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने उससे बीस हजार रुपये उसी समय ले लिए थे। इसके बाद से ही वह लगातार उससे बीस लाख रुपये की मांग कर रहे थे। रुपये न देने पर उसे पुलिस गिरफ्तारी का भय और उसकी सामाजिक छवि खराब करने की धमकी दी जा रही थी।
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इससे परेशान फिजियोथेरेपिस्ट ने अपनी समस्या को पुलिस आयुक्त ओपी सिंह के सामने रखा। इसके बाद गिरोह को पकड़ने की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 टीम को सौंपी गई। टीम ने 24 घंटे के भीतर ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर दिया। आरोपियों की पहचान महिला, उसके साथी प्रवीण और ब्रह्म के रूप में हुई।

खुद को हरियाणा पुलिस का सब-इंस्पेक्टर और हवलदार बताया
पीआरओ ने बताया कि महिला के एक साथी प्रवीण ने खुद को हरियाणा पुलिस का सब-इंस्पेक्टर और दूसरे साथी ब्रह्म ने खुद को हवलदार बताया। साथ ही अपनी तैनाती क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 में बताई। गिरफ्तार आरोपियों में प्रवीण पहले हरियाणा पुलिस का ही सिपाही था। उसे एक मामले में 1992 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उस समय वह कुरुक्षेत्र में तैनात था। प्रवीण एवं ब्रह्म फरीदाबाद और महिला दिल्ली की रहने वाली है।

20 लाख से डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ सौदा
प्रवीण ने फोन करके फिजियोथेरेपिस्ट को सेक्टर-31 के टाउन पार्क में बुलाया, जहां मामले की सौदेबाजी की। 20 लाख से शुरू होकर सौदा डेढ़ लाख में तय हो गया। आरोपियों ने फिजियोथेरेपिस्ट से 20 हजार रुपये भी ले लिए। बाकी पैसों के लिए सोमवार रात का समय तय किया गया था।

बर्खास्त सिपाही के दोस्त की परिचित है महिला
हरियाणा पुलिस से बर्खास्त सिपाही प्रवीण ही हनीट्रैप गैंग का सरगना है। उसने दिल्ली में रहने वाली एक महिला के साथ मिलकर हनीट्रैप का धंधा शुरू किया था। इसके लिए फरीदाबाद के ही एक दोस्त की मदद ली थी। गिरफ्तार महिला बर्खास्त पुलिसकर्मी के दोस्त की परिचित है।

पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से लगाई मदद की गुहार
आरोपियों को बीस हजार रुपये देने के बाद फिजियोथेरेपिस्ट ने पुलिस आयुक्त ओपी सिंह को आपबीती सुनाकर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच सेक्टर-85 क्राइम ब्रांच को सौंप दी। तय समय पर सोमवार रात 11 बजे डॉक्टर ने तीनों आरोपियों को पैसे देने सेक्टर-31 टाउन पार्क में बुला लिया, जहां क्राइम ब्रांच ने पहले से जाल बिछा रखा था। उनके वहां पहुंचते की क्राइम ब्रांच की टीम ने तीनों को दबोच लिया। आरोपियों के पास से 20 हजार रुपये और घटना में प्रयुक्त महिला का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।

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