टोल फ्री करने पहुंचे 20 किसानों को हिरासत में लिया
बल्लभगढ़। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों द्वारा किए गए टोल फ्री ऐलान को लेकर किसान संगठन तीन अलग-अलग समूह में शुक्रवार को कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे स्थित मौजपुर टोल पर पहुुंचे। मौके पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने इन किसानों को हिरासत में ले लिया। मौके पर पुलिस ने 20 किसानों को हिरासत में लिया।
किसानों ने शुक्रवार को टोल फ्री का आह्वान किया था। शुक्रवार सुबह से मौजपुर टोल के समीप बने होटल पर सुबह दस बजे किसान नेता बबलू हुड्डा अपने साथ करीब आठ-दस लोगों के साथ पहुंचे। किसानों ने टोल के पास ही दरी बिछाने की तैयारी शुरू ही की थी कि एसीपी पृथ्वी सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान अपनी जिद्द पर अड़े रहे। पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी किसानों को हिरासत में लिया। इसके बाद सभी को छायंसा थाना ले जाया गया।
इसके बाद करीब 11 बजे किसान नेता नाहर सिंह धारीवाल अपने छह साथियों के साथ टोल पर पहुंचे। इससे पहले कि किसान कुछ करते पुलिस ने उनको भी हिरासत में ले लिया। इसके करीब आधे घंटे बाद पुलिस अधिकारी को सूचना मिली कि करीब 150-200 किसान अटाली की तरफ से पैदल मार्च करते हुए किसान विरोधी नारे लगा रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने करीब पांच सौ मीटर पहले ही सड़क पर नाकेबंदी कर किसानों के पैदल मार्च को रोक दिया।
साहब हल्ला-गुल्ला करने आए हैं, वो तो कर लेने दो...
मौजपुर टोल के नजदीक स्थित एक होटल पर आ रहे किसानों को हिरासत में लेने का दौर चल रहा था, जहां काफी संख्या में पुलिस बल के अलावा अन्य पुलिस टीमें मौजूद थी। इसी बीच किसान नेता ने पुलिस अधिकारी को कहा कि साहब, हम यहां हल्ला-गुल्ला करने आए हैं वह तो हमें कर लेने दो, बाद में हिरासत में ले लेना, लेकिन पुलिस अधिकारी ने हंस कर जवाब देते हुए कहा कि हम हल्ला गुल्ला न होने के लिए ही तो खड़े हैं, आप गाड़ी में बैठ जाएं। इसके बाद किसान स्वयं ही गाड़ी में बैठ गए और पुलिस इनको गाड़ी में बैठाकर छायंसा थाना ले गई।