बिना नंबर की कार से अवैध शराब मिलने के मामले में अदालत का फैसला, कहा-वाहन भाई के नाम, जांच में शामिल होने को तैयार आरोपी को मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बिना नंबर प्लेट की कार से अवैध शराब बरामद होने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (अवकाशकालीन) के.पी. सिंह की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी मनजीत की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है। अदालत ने माना कि कार और शराब की बरामदगी पहले ही हो चुकी है। साथ ही कहा कि पुलिस यह साबित करने के लिए कोई डिजिटल या अन्य प्रत्यक्ष साक्ष्य पेश नहीं कर सकी कि घटना के समय कार मनजीत ही चला रहा था। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को राहत दे दी।
डबुआ थाने में चार जून 2026 को दर्ज एफआईआर से जुड़े मामले की सुनवाई में अदालत ने यह फैसला सुनाया है। पुलिस के अनुसार फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर सड़क हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर एक बिना नंबर प्लेट कार खड़ी मिली, जो एक पार्क किए गए पिकअप वाहन से टकराई हुई थी। कार चालक मौके से भाग गया था। तलाशी के दौरान कार से अवैध देशी शराब के 20 कार्टन, जिनमें कुल 1000 क्वार्टर थे, बरामद किए गए। पुलिस ने शराब और वाहन को कब्जे में लेकर मामला दर्ज किया।
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने बताया कि वाहन का पंजीकरण मनजीत के भाई मनीष के नाम पर है। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी के खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला लंबित नहीं है और उसने जांच में शामिल होने की सहमति दी है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने मनजीत की अग्रिम जमानत मंजूर कर दी। साथ ही निर्देश दिया कि वह सात दिन के भीतर जांच में शामिल होगा। यदि वह जांच में सहयोग नहीं करता है तो उसकी अग्रिम जमानत स्वत निरस्त मानी जाएगी।