संरक्षित अरावली में ब्लास्ट कर तोड़े जा रहे पत्थर: पाराशर
फरीदाबाद। पीएलपीए में खनन करना प्रतिबंधित है बावजूद इसके फरीदाबाद-सूरजकुंड रोड स्थित संरक्षित अरावली में एक फार्म हाउस बनाने के लिए रात्रि में ब्लास्ट कर पत्थर निकाले जा रहे हैं। यह आरोप है न्यायिक संघर्ष समिति के प्रधान एडवोकेट एलएन पाराशर का।
एलएन पाराशर के अनुसार, एक ओर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर लाइसेंसी और सरकार से अनुमोदित कांत एंक्लेव में इमारतें तोड़ी जा रही हैं, वहीं अरावली में निर्माण जारी है। उनका दावा है कि फार्म हाउस बनाने के लिए ब्लास्ट कर पत्थर निकाला जा रहा है। उनके पास इसकी तस्वीरें मौजूद हैं जिनमें स्पष्ट होता है कि गड्ढे ब्लास्ट से बने हैं। प्रदेश के एक मंत्री के करीबी व्यक्ति के इस फार्म हाउस में दिन रात काम चल रहा है। आरोप है कि यहां से करोड़ों के पत्थर निकाल कर बेचे जा रहे हैं और कई एकड़ जमीन का समतल कर एक बड़ा फार्म हाउस बनाया जा रहा है।
अरावली के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, न्यायालय में यह सभी तस्वीरें पेश करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने 1992 के बाद अरावली में बने निर्माण को ढहाने का आदेश दिया है और यहां धड़ल्ले से फार्म हाउस बन रहा है, इसमें बड़े अधिकारी भी शक के दायरे में हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार पर भी पीएलपीए में संशोधन कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। वह इस फार्म के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।