संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फरीदाबाद में रेलवे लाइन पर होने वाले हादसों और आत्महत्या की घटनाओं में कमी के बावजूद मौतों का आंकड़ा चिंता बढ़ा रहा है। वर्ष 2024 में रेल लाइन से जुड़े हादसों में 262 लोगों की मौत हुई थी। जागरूकता अभियान के बाद 2025 में यह संख्या घटकर 256 हुई। वहीं इस वर्ष बीते नौ माह में 171 लोगों की जान जा चुकी है। अब जीआरपी ने इन घटनाओं को शून्य तक लाने के लिए जीवन रक्षक स्वयंसेवकों की टीम बनाने की पहल शुरू की है।
पिछले दो वर्षों में रेल लाइन से जुड़े हादसों में अपने परिजन खो चुके लोगों को टीम में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा रेल लाइन के आसपास की औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों और रिहायशी कॉलोनियों के जागरूक लोगों को भी वाॅलंटियर बनाया जाएगा। इन्हें अपराध, फोरेंसिक विज्ञान, मादक पदार्थ नियंत्रण विभाग और ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे।
जीआरपी के डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि जीवन रक्षक स्वयंसेवकों के लिए जीआरपी के 350 पुलिसकर्मी काम कर रहे हैं। सभी थाना प्रभारी लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से रेल लाइन के आसपास होने वाली घटनाओं में कमी आएगी।