न बिजली और न खाने की अच्छी व्यवस्था, रहने की जगह भी छोटी
बाल सुधार गृह के निरीक्षण में मिलीं कई खामियां, दुरुस्त करने के दिए आदेश
- पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय कुमार मित्तल व अवनीश झिंगन ने किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय कुमार मित्तल व अवनीश झिंगन ने शनिवार को बाल सुधार गृह एवं नीमका स्थित जिला जेल का निरीक्षण किया। उनके साथ जिला जज दीपक गुप्ता भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने बाल सुधार गृह में कई कमियां पाईं जिसमें पंखों की व्यवस्था ठीक नहीं मिली, रहने की जगह भी छोटी थी। उन्होंने जिला प्रशासन को उसे दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। जिला जेल के निरीक्षण के दौरान वे संतुष्ट दिखाई दिए।
बाल सुधार गृह में निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति अजय कुमार मित्तल को कई कमियां दिखाई दीं। इनमें प्रमुख रूप से बाल सुधार गृह में रखे गए बच्चों के रहने की जगह ही काफी छोटी हैं और वहां क्षमता से अधिक बच्चे हैं। साथ ही वहां खाना बनाने की जगह बहुत छोटी है। इसके अलावा लाइट पंखों की हालत भी अच्छी नहीं है। उन्होंने वहां मौजूद जिला उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी से कहा कि बाल सुधार गृह की हालत खराब है। कहा कि बाल सुधार गृह में हम बच्चों को सुधरने का अवसर देते हैं। इस पर उपायुक्त द्विवेदी ने बताया कि बाल सुधार गृह को आगामी 20 अगस्त से 4 एकड़ जमीन में नया बनाया जा रहा है, जोकि अगले डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा। साथ ही उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि वे बाल सुधार गृह में लाइट और पंखे दुरुस्त करवाएं। इसके साथ ही रसोई घर को अच्छे ढंग से बनाकर तैयार करें व सुधार गृह में सफेदी करवाएं।
इसके बाद दोनों न्यायमूर्ति यहां से नीमका स्थित जिला जेल पहुंचे। उन्होंने जेल निरीक्षक दीपक शर्मा को कहा कि जेल में जो भी छोटी मोटी कमियां हैं उन्हें शीघ्र ही सही करवा दें। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जो सुविधाएं दी जाती हैं उनके बारे में न्याय मूर्तियों ने बारीकी से जांच की।
इस मौके पर नीमका जेल के बंदियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत एक नृत्य भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जेल में न्यायमूर्ति अजय कुमार मित्तल वह अवनीश झिंगन में पौधरोपण किया। इस दौरान वहां सदस्य सचिव हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला पुबिरा जिंदिया, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोना सिंह, सीजेएम डॉ. अशोक, सीजेएम सुनील दीवान के अलावा फरीदाबाद के एसडीएम सतवीर मान, डीसीपी मुख्यालय विक्रम कपूर भी मौजूद थे।
दो अक्तूबर को छोड़े जाएंगे बुजुर्ग बंदी
नीमका जेल में न्यायमूर्ति एके मित्तल ने बताया कि दो अक्तूबर को 70 से अधिक उम्र के बंदियों को सरकार छोड़ने जा रही है। हालांकि, जघन्य अपराध में संलिप्त बंदियों को नहीं छोड़ा जाएगा। इस समय नीमका जेल में करीब 30 बंदी हैं। जेल अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि सरकार के मानकों के अनुसार बंदियों को छांटा जाएगा, जिन्हें दो अक्तूबर को रिहा किया जाना है।