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152 भवनों को किया सील

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फरीदाबाद। नगर निगम की ओर से मंगलवार को बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग अभियान चलाया गया। शहर में 152 भवनों को सील कर दिया गया। अन्य पर बुधवार को कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही निगम ने करीब 9300 बकायेदारों की सूची तैयार की है। इन पर जल्द सीलिंग की गाज गिर सकती है। नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव ने बकायेदारों सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द अपना बकाया जमा नहीं किया तो सीलिंग के बाद भवनों को बेचकर पैसा वसूला जाएगा।
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नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव ने बताया कि शहरवासियों से संपत्ति कर के रूप में 150 करोड़ रुपये से अधिक बकाया राशि लेनी है। इनमें से 50 हजार से अधिक राशि के बकायेदार करीब 200 है। जिन पर करीब 70 करोड़ रुपये लंबे समय से बकाया चल रहे हैं। अधिकांश बकायेदारों की वर्कशॉप हैं, तो कई बकायेदारों के मकान बंद पड़े हैं। नगर निगम की ओर से कई बार भवन मालिकों को नोटिस जारी कर टैक्स अदा करने के लिए बोला गया है। इसके बाद भवन मालिकों ने कोई सुध नहीं ली है। मंगलवार सुबह पांच बजे से एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्र में सीलिंग की कार्रवाई की गई। शाम चार बजे तक कुल 152 इकाइयों को सील कर दिया गया। उन्होंने बताया निगम की कार्रवाई देख 26 प्रॉपर्टी मालिकों ने मौके पर ही बकाया जमा करा दिया। ऐसे में उन्हें छोड़ दिया गया। निगम को 26 बकायेदारों से करीब 41.25 लाख रुपये मिले हैं।
लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
निगमायुक्त यशपाल यादव ने बताया कि शहर को प्रॉपर्टी के हिसाब से सात जोन में बांटा गया है। एनआईटी में तीन जोन, दो बल्लभगढ़ और दो ओल्ड फरीदाबाद में जोन हैं। उन्होंने बताया एनआईटी जोन प्रथम में 14 यूनिट, द्वितीय जोन में 41 और तृतीय जोन में 9 यूनिट सील की गईं। इसी तरह ओल्ड प्रथम जोन में 36 व ओल्ड द्वितीय में 16 यूनिट सील की गईं। जबकि बल्लभगढ़ जोन प्रथम में 28 व द्वितीय में आठ यूनिट सील की गईं। उन्होंने बताया कि निगम क्षेत्र में पहले 2.60 लाख भवन थे। नए सर्वे के अनुसार अब इनकी संख्या बढ़कर साढ़े पांच लाख हो गई है। नए भवनों की आईडी बनाने का कार्य किया जा रहा है। पुराने भवनों में 9300 ऐसे हैं जिनके मालिकों पर 50 हजार से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स, सीवर-पानी का बिल बकाया है। इनमें से पहले चरण में 200 डिफाल्टरों को चयनित कर सीलिंग कार्रवाई शुरू की गई है। बकायेदारों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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