फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: पांच महीनों में चेन पुलिंग के 150 मामले, 126 पर कार्रवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
आपातकालीन सुविधा का गलत इस्तेमाल कर रहे लोग, रेलवे ने सख्त कार्रवाई और जागरूकता पर दिया जोर
विज्ञापन


निधि कुशवाहा



फरीदाबाद। शहर में ट्रेनों में चेन पुलिंग की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। स्थिति यह है कि लगभग हर दिन किसी न किसी ट्रेन में चेन पुलिंग की घटना सामने आ रही है, जिससे रेल संचालन बाधित हो रहा है और यात्रियों को गर्मी के मौसम में एक से दो घंटे तक की देरी का सामना करना पड़ रहा है।


रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी 2025 से तीन दिसंबर 2025 के बीच चेन पुलिंग के कुल 380 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 379 मामलों में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित यात्रियों की पहचान कर ली और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई, जबकि एक मामला अभी भी ऐसा है जिसमें यात्री की पहचान नहीं की गई है। इसी तरह एक जनवरी 2026 से सात मई 2026 तक 150 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 126 मामलों में आरपीएफ ने यात्रियों की पहचान कर कार्रवाई पूरी की, जबकि 24 मामलों में पहचान की प्रक्रिया जारी है।
विज्ञापन



दोनों वर्ष के आंकड़ों को मिलाकर पिछले डेढ़ वर्ष में कुल 530 चेन पुलिंग के मामले सामने आए हैं। इनमें 505 मामलों में आरपीएफ द्वारा संबंधित यात्रियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि 25 मामलों में अभी तक यात्रियों की पहचान नहीं हो सकी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लगातार निगरानी और कार्रवाई के बावजूद यह समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रही है।



रेलवे अधिकारियों के अनुसार अलार्म चेन पुलिंग केवल आपातकालीन परिस्थितियों के लिए बनाई गई सुविधा है, जैसे आग लगने, किसी यात्री की गंभीर तबीयत बिगड़ने, दुर्घटना या सुरक्षा से जुड़ी आपात स्थिति। लेकिन जांच में सामने आया है कि कई यात्री इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। इनमें ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी, बीच रास्ते उतरने की इच्छा या परिचितों को चढ़ाने-उतारने जैसी वजहें प्रमुख हैं। इस तरह की लापरवाही से न केवल संबंधित ट्रेन का संचालन बाधित होता है, बल्कि पूरे रेल नेटवर्क की समय-सारिणी पर भी असर पड़ता है।
विज्ञापन






अलार्म चेन पुलिंग की व्यवस्था केवल विशेष और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों को तत्काल सहायता मिल सके। लेकिन कुछ मामलों में इसके दुरुपयोग के कारण रेल संचालन प्रभावित हो रहा है। रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत अलार्म चेन का गलत इस्तेमाल दंडनीय अपराध है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है। - श्रवण कुमार, आरपीएफ पोस्ट प्रभारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें