पार्षद बोले : ईकोग्रीन करती है अवैध वसूली
कंपनी अफसर ने कहा, पुष्टि हुई तो देंगे इस्तीफा
फरीदाबाद। ईकोग्रीन कंपनी के अधिकारी ग्रीन फील्ड से 50 हजार रुपये वसूलते हैं। इसके वेंडर फैक्ट्रियों और घरों से अवैध वसूली कर रहे हैं। सदन की बैठक में कंपनी पर यह आरोप पार्षद जीतेंद्र यादव ने लगाए तो वरिष्ठ उपमहापौर सहित अन्य पार्षदों ने अवैध वसूली की पुष्टि की।
सदन में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाए गए कंपनी के रमेश शर्मा ने कहा कि यदि उन पर उगाही का आरोप साबित हो गया तो वह इस्तीफा दे देंगे। पार्षद हेमा बैंसला के पिता कैलाश बैंसला ने कहा कि उन्होंने खुद रमेश शर्मा को अपने हाथ से 50 हजार रुपये दिए। इसके बाद सभी पार्षदों ने कंपनी की कार्यशैली की फजीहत की। रमेश शर्मा और प्रोजेक्ट हेड राजीव अरोड़ा आरोपों का जवाब नहीं दे सके। अतिरिक्त उपमहापौर धीरेंद्र खडगटा ने बताया कि तीन माह के कार्यकाल में उन्होंने कंपनी की कार्यशैली का बारीकी से अध्ययन किया। कंपनी के पास 1000 घरों पर मात्र एक वाहन उपलब्ध है, ऐसे में डोर टू डोर कलेक्शन बेमानी है। शहर में 780 खत्ते हैं कंपनी इन्हें भी नहीं घटा सकी। सूखा और गीला कूड़ा मौके पर ही अलग नहीं किया जाता। ट्रांसफर स्टेशन पर कूड़े को अलग करने की मशीन तो है लेकिन बंद रहती है।
पार्षद सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि ईकोग्रीन कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने से पहले विकल्प तैयार किए जाएं अन्यथा पूरा शहर गंदगी के ढेर में तब्दील हो जाएगा। कंपनी के राजीव अरोड़ा ने 15 दिन में सभी पार्षदों से मिलकर उनके क्षेत्र की समस्या का समाधान कराने का वादा किया। इस पर सदन ने कंपनी को एक और मौका दिया।