ईडी और आईटी ने करण दलाल के करीबियों के घर खंगाले
फरीदाबाद। पलवल विधायक करण दलाल और उनके करीबियों पर प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को ईडी और आईटी की संयुक्त टीमों ने करण दलाल के करीबी प्रॉपर्टी कारोबारी एसआरसी ग्रुप के मालिक सुभाष चौधरी, उनके भाई राजेश चौधरी और सीकरी के सरपंच जोगिंदर के यहां छापामारी की। सुबह नौ बजे के करीब संयुक्त टीमों ने एक साथ छह जगहों पर जांच कार्रवाई शुरू की जो शाम छह बजे के करीब चलती रही।
सेक्टर नौ में रहने वाले सुभाष चौधरी एसआरसी बिल्डटेक, एसआरसी रियलटेक और पिरामिड बिल्डटेक के मालिक हैं। जांच एजेंसियों के रडार पर आ चुके पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समधी करण दलाल भी जांच के दायरे में हैं। माना जाता है कि सुभाष चौधरी के जरिए करण दलाल ने भी प्रॉपर्टी कारोबार में काफी धन लगा रखा है। बृहस्पतिवार सुबह आयकर विभाग की चंडीगढ़ टीम और प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने एक साथ पांच जगह छापे मारे। सेक्टर नौ स्थित सुभाष चौधरी, उनके भाई राजेश चौधरी के सेक्टर 15 स्थित आवास, अटाली स्थित उनके पैतृक आवास, सेक्टर 11 स्थित एसआरसी कार्यालय और सीकरी में सरपंच जोगिंदर के यहां छापा मारा गया। बताया जा रहा है कि दो दशक पूर्व आईएमटी में प्लॉटिंग काटने के समय जोगिंदर ने सुभाष चौधरी और करण दलाल की काफी मदद की थी। करीब छह-छह सदस्यीय टीमें शाम छह बजे के बाद तक जांच पड़ताल में जुटी रहीं। सूत्रों के मुताबिक, टीमों ने कई पैन कार्ड, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, डायरियां आदि कब्जे में लीं। इनके अलावा हार्ड डिस्क ईमेल आईडी आदि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी खंगाले गए। एसएचओ सेक्टर नौ इंस्पेक्टर कुलदीप दहिया और सेंट्रल ने बताया कि आला अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस बल भेजा गया था। अधिकारियों ने क्या जांच की और अपने साथ क्या ले गए इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
राजनीतिक कनेक्शन भी तलाशते रहे लोग
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समधी पलवल विधायक करण दलाल और उनके करीबियों पर हुई कार्रवाई की चर्चा राजनैतिक जगत में दिनभर होती रही। राजनीतिक जगत में चर्चा है कि प्रदेश सरकार के सबसे मुखर विरोधी करण दलाल के पर कतरने के लिए भाजपा ने थिंक टैंक की सलाह पर कार्रवाई शुरू की गई है। कांग्रेसियों में चर्चा थी कि भाजपा सरकार यह कार्रवाई प्रदेश स्तर पर कांग्रेस कार्यकारिणी में होने वाले बदलाव से डरकर कर रही है। बदलाव में करण दलाल को विधानसभा में विधायक दल का नेता (सीएलपी लीडर) बनाए जाने की प्रबल संभावना है। यदि ऐसा होगा तो वह विधानसभा में मनोहरलाल सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं, इसीलिए सरकार जांच आदि में फंसा कर विधानसभा में उनकी धार कुंद करने की तैयारी कर रही है। इधर भाजपाइयों में चर्चा रही कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के आर्थिक साम्राज्य को संभालने वाले उनके करण दलाल और उनके करीबियों के कारनामे जल्द ही जनता के सामने आने शुरू हो जाएंगे।