-शाहपुर नंगली रोड स्थित पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की जगह हो रहा निर्माण
-लंबे समय से रुका हुआ था निर्माण कार्य
-कर्मचारियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद
शेरसिंह डागर
नूंह। लंबे समय से अधर में लटकी जिला मुख्यालय पर कर्मचारियों के आवास निर्माण की योजना अब फिर पटरी पर लौट आई है। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे 126 सरकारी आवासों का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है। निर्माण कार्य शुरू होने से कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि अगले एक वर्ष के भीतर उन्हें नए घरों की सौगात मिल सकेगी।
ये आवास शाहपुर नंगली रोड पर स्थित पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की जगह पर बनाए जा रहे हैं। योजना के तहत एक, दो और तीन कमरों वाले आवासों का निर्माण किया जाएगा, ताकि विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की जरूरतों के अनुसार आवंटन किया जा सके।जानकारी के अनुसार, पहले निर्माण कार्य भूजल स्तर अधिक होने के कारण रोकना पड़ा था। नींव से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के चलते काम ठप हो गया था, जिससे परियोजना में काफी देरी हुई। अब तकनीकी समाधान के बाद दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है और विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इस बार काम तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
कर्मचारियों को झेलनी पड़ रही है परेशानी :
जिला मुख्यालय पर वर्तमान में सभी कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास उपलब्ध नहीं हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारी निजी मकानों में किराए पर रह रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। वहीं कई कर्मचारी दूसरे जिलों से रोजाना आना-जाना करते हैं, जिससे समय और संसाधनों दोनों की हानि होती है। आवास की कमी के कारण कर्मचारियों को आवागमन में दिक्कत, परिवार से दूरी और असुविधाजनक रहन-सहन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह परियोजना उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
अभी भी सभी के लिए पर्याप्त नहीं :
हालांकि 126 आवास बनने से स्थिति में सुधार जरूर होगा, लेकिन कर्मचारियों की कुल संख्या के मुकाबले यह संख्या अभी भी कम मानी जा रही है। ऐसे में भविष्य में और आवासों की जरूरत महसूस की जा सकती है।
एक साल में पूरा होने की उम्मीद :
निर्माण एजेंसी के अनुसार, यदि काम इसी गति से चलता रहा तो अगले एक वर्ष में आवास तैयार हो जाएंगे। जिला प्रशासन भी परियोजना को प्राथमिकता में रखे हुए है, ताकि कर्मचारियों को जल्द से जल्द रहने की सुविधा मिल सके। लिहाजा लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ यह निर्माण कार्य कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है।
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तकनीकी खामियों के कारण कुछ दिक्कत आ गई थी, लेकिन अब निर्माण काम फिर से शुरू कर दिया गया है उम्मीद की जा रही है अगले एक वर्ष में पूरा कराया जाए ताकि कर्मचारियों को सहूलियत मिल सके।
प्रदीप संधू, कार्यकारी अभियंता, सड़क एवं लोक निर्माण विभाग।