परत लगा रहे मिट्टी की, भुगतान हो रहा सीमेंट का
फरीदाबाद। नगर निगम की ओर से शहर में बिछवाई जा रहीं इंटरलॉकिंग टाइल्स में लागत की चालीस फीसदी निर्माण सामग्री लगाई ही नहीं जा रही, यह धनराशि निगम के अधिकारियों और ठेकेदार के बीच बंदरबांट की जा रही है। सड़क निर्माण में पीपीसी की परत की जगह मिट्टी की परत लगाई जा रही है और भुगतान लिया जा रहा है। ये आरोप निगम में ठेकेदारी करने वाले नरेंद्र कुमार ने लगाए हैं। उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत कर मुख्यमंत्री से इसकी जांच कराने की मांग की है।
सेक्टर-55 निवासी नरेंद्र कुमार नगर निगम में ठेकेदारी करते हैं। उनके मुताबिक इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने से पहले जमीन में 4 इंच मोटाई की प्लेन कंक्रीट सीमेंट (पीसीसी) की परत बनाई जाती है। कुल लागत में इंटरलॉकिंग और पीसीसी का अनुपात 60:40 होता है। यानी पीसीसी लेयर बिछाने में चालीस प्रतिशत धन खर्च होता है। उनका आरोप है कि नगर निगम द्वारा जो इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछवाने के कार्य कराए जा रहे हैं, उनमें ठेकेदार चार इंच पीसीसी परत की जगह मिट्टी लगा रहे हैं। नगर निगम अधिकारी ठेकेदारों को इस मिट्टी के एवज में पीसीसी का भुगतान कर रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि एस्टीमेट में ए-35 ग्रेड की टाइलें ली जाती हैं जबकि मौके पर घटिया टाइलें लगाई जाती हैं, यदि जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मांग की है कि शहर में बिछाई गई इंटरलॉकिंग टाइलों और उनके नीचे डाली गई पीसीसी की जांच कराएं और दोषी ठेकेदारों का भुगतान रुकवाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जांच में निगम के चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर को दूर रखा जाए क्योंकि वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं। संयुक्त आयुक्त संदीप अग्रवाल ने बताया कि अभी शिकायत उन तक नहीं पहुंची है, यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी।