संशोधित - (लड़के का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।)
फोटो
संजय हत्याकांड : गुस्साए लोगों ने किया पथराव
पीसीआर सहित कई वाहनों के शीशे टूटे
- देर रात तक होता रहा बवाल, शव का नहीं होने दिया अंतिम संस्कार
- मृतक की मां के लिए कर रहे थे एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी निवासी संजय का शव रोहतक से पोस्टमार्टम के बाद नेहरू कॉलोनी पहुंचा तो बवाल हो गया। पुलिस शव को सीधे स्वर्ग आश्रम (श्मशान) ले गई। इस पर गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव के दौरान पुलिस की पीसीआर 24 सहित कई वाहनों के शीशे टूट गए। हंगामा कर रहे लोग मृतक की मां के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे थे। लोगों का कहना था कि वे केवल बातों से नहीं मानेंगे, उन्हें प्रशासन की तरफ से लिखित आश्वासन चाहिए।
16 अगस्त से गायब नेहरू कॉलोनी निवासी संजय की मां मंजू ने 19 अगस्त को सैनिक कॉलोनी चौकी में उसके लापता होने का मामला दर्ज करवाया था। इस दौरान संजय के परिजनों ने नेहरू कॉलोनी निवासी फजरुद्दीन व उसके बेटे सलीम पर शक जताया था। पुलिस ने सलीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने संजय की हत्या करने की बात कबूल की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मंगलवार शाम को सैनिक कॉलोनी पहाड़ी से संजय का शव सड़ी गली हालत में बरामद किया था। इस पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई भेज दिया था। इस मामले में पुलिस तीन आरोपियों फजरुद्दीन, उसका बेटा सलीम व दोस्त सुमित को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि सलीम का चचेरा भाई मोहम्मद अली अभी फरार चल रहा है।
बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 6 बजे संजय का शव नेहरू कॉलोनी पहुंचा। इस दौरान पुलिस पहले ही अलर्ट थी और एसीपी राधेश्याम के नेतृत्व में वहां भारी पुलिस बल मौजूद था। पुलिस शव को उसके घर ले जाने के बजाय सीधे स्वर्ग आश्रम ले गई। वहां पहले से लोगों की भीड़ जमा थी। शव को स्वर्ग आश्रम के अंदर ले जाते ही लोग भड़क गए और उन्होंने अंदर से ही पुलिस पर पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने लाठी भांज कर लोगों को खदेड़ा। थोड़ी देर बाद लोग दोबारा उग्र हो गए और उन्होंने फिर से पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने भी पथराव बरसाए और जमकर लाठियां भांजी। इस दौरान आप नेता धर्मवीर भड़ाना ही मौके पर पहुंचे। लोगों को इस बात का भी गुस्सा था कि कोई भी स्थानीय जनप्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा था। आप नेता धर्मवीर भड़ाना ने दिल्ली की तर्ज पर यहां भी सरकार से मृतक संजय की मां के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की।
लोगों ने पहले ही पत्थर जमा कर रखे थे
नेहरू कॉलोनी वासियों ने पुलिस को घेरने और पथराव की तैयारी पहले ही कर रखी थी। पुलिस की रणनीति थी कि शव को सीधे स्वर्ग आश्रम में ले जाकर उसका संस्कार करवा दिया जाए ताकि किसी तरह का कोई बवाल ने हो। मगर लोगों ने स्वर्ग आश्रम के साथ दीवारों पर पहले ही पत्थर जमा कर रखे थे। जैसे ही शव स्वर्ग आश्रम के अंदर पहुंचा। गुस्साए लोगों ने अंदर से पथराव कर दिया। जब तक पुलिस पहुंचती वे दीवार फांद कर दूसरी तरफ चले गए। इसके बाद कॉलोनी के लोगों ने सैनिक कॉलोनी बिजली बोर्ड की तरफ से पुलिस पर पत्थर बरसाए। पथराव के दौरान पुलिस की पीसीआर 24 सहित कई वाहनों के शीशे टूटे। बताया जा रहा है कि एक हवलदार भी इसमें घायल हुआ है।
स्वर्ग आश्रम में लगे जयश्री राम के नारे
पुलिस बेशक शव को सीधे स्वर्ग आश्रम के अंदर ले गई। मगर नाराज लोगों ने उसे गाड़ी में से उतारने से इंकार कर दिया। लोगों का कहना था कि यदि समुदाय विशेष के युवक की हत्या हुई होती तो अब तक प्रशासन समेत सभी नेता यहां पहुंच चुके होते। इस दौरान लोगों ने स्वर्ग आश्रम में जय श्री राम के नारे लगाए और शव को वाहन से उतरवाने से मना कर दिया।