आयुष्मान भारत योजना सूची में फोन नंबर और राशन कार्ड नंबर सही होने के बाद भी कई परिवार इस योजना का लाभ लेने से वंचित है। सिविल अस्पताल बीके में बने आयुष्मान भारत केंद्र पर चक्कर लगाने के बाद भी ऐसे परिवारों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। एसजीएम नगर में रहने वाला विजय का परिवार पिछले कई दिनों से ऐसी ही परेशानी से गुजर रहा है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में लगभग 1.33 लाख गोल्डन कार्ड बनने हैं। साल 2011 में हुई जनगणना के आधार पर लाभार्थियों की सूची सभी आयुष्मान केंद्र और वार्ड पार्षद को सौंप दी गई है। एसजीएम नगर निवासी विजय ने बताया कि परिवार में तीन बच्चे और पत्नी हैं। उन्हें अपने बच्चे का इलाज करवाना है।
आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के लिए वह शुक्रवार को बीके सिविल अस्पताल गए। वहां आयुष्मान भारत केंद्र में अपना कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया। जांच में उनके मोबाइल नंबर और राशन कार्ड का नंबर डालने पर किसी दूसरे परिवार की डिटेल कंप्यूटर पर आ रही है। केंद्र पर उपस्थित आयुष्मान मित्र का कहना है कि वह इस मामले में कोई मदद नहीं कर सकती है। विजय ने कहा कि वह जल्द ही इस मामले की शिकायत आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी से करेंगे।
इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच करवाई जाएगी। सही लाभार्थी को योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
- डॉ. रमेश चंद्र, नोडल अधिकारी-आयुष्मान भारत