तोड़फोड़ रोकने को सरकारी प्रावधान और विकल्प बताए
फरीदाबाद। स्टिल्ट पार्किंग क्षेत्र में कराए गए अवैध निर्माण को गिराए जाने का विरोध कर रहे सैनिक कॉलोनी वासी सोमवार को अतिरिक्त निगमायुक्त से मिलने नगर निगम पहुंचे। यह लोग अवैध निर्माण में तोड़फोड़ रोकने के सरकारी प्रावधान और विकल्प सुझाने आए थे। अतिरिक्त निगमायुक्त के नहीं मिलने पर यह लोग महापौर से मिले। महापौर ने इन लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सैनिक कॉलोनी में करीब सात सौ मकान मालिकों ने स्टिल्ट पार्किंग और ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध निर्माण कर रखे हैं। उच्च न्यायालय ने इन अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। नगर निगम प्रशासन को 10 दिसंबर को न्यायालय में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करनी है। निगम अधिकारियों ने कॉलोनी के करीब सात सौ मकान मालिकों को नोटिस जारी किया था। शुक्रवार और शनिवार को निगम के तोड़फोड़ दस्ते ने कॉलोनी में कई अवैध निर्माण ढहाए थे। कॉलोनी वासियों के दबाव के चलते निगम प्रशासन ने मकान मालिकों को 6 दिसंबर तक की मोहलत दी थी। तोड़फोड़ रुकने के बाद कॉलोनीवासी जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई रुकवाने के प्रयास में जुटे हैं।
सोमवार को कॉलोनी वासी नगर निगम पहुंचे। नेतृत्व कर रहे हरिंदर सिंह ने स्थानीय निकाय विभाग के सचिव का 28 अप्रैल 1992 में जारी पत्र प्रस्तुत किया। इस पत्र के मुताबिक यदि स्वीकृत बिल्डिंग प्लान का उल्लंघन कर कोई निर्माण किया गया है तो उस पर पेनाल्टी लगाकर उसे नियमित किया जा सकता है। हरिंदर के मुताबिक, सैनिक कॉलोनी का नक्शा नगर निगम से 1989 में स्वीकृत हुआ था। कंपाउंड पॉलिसी 1993 में लागू हुई। कॉलोनी इस पॉलिसी के तहत आती है। सरकार के बिल्डिंग कोड 2016-2017 का हवाला देते हुए बताया कि इस कोड के तहत स्टिल्ट को तीन गुना पेनाल्टी लगाकर नियमित किया जा सकता है। इन लोगों का कहना था कि तोड़फोड़ की कार्रवाई से बेहतर होगा कि लोगों से जुर्माना वसूला जाए। इससे नगर निगम की आय भी बढ़ेगी। मेयर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मौके पर अभिषेक आहूजा, मोहित, योगेश, मुकेश, लवनीन सिंह, कमल अरोड़ा, पिंकी, कविता अरोड़ा, परवेज अलाम और राजू आदि कालोनीवासी मौजूद रहे।