फरीदाबाद (धनंजय चौहान)। केंद्र सरकार की ओर से कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन के जल्द मिलने के आश्वासन के बाद शहर में टीकाकरण की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी गई हैं। इसके भंडारण से लेकर वितरण तक की योजना बनाई गई है। प्रथम चरण में कोरोना योद्धाओं के बाद ब्लॉक स्तर पर प्रतिदिन सौ लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। इस कार्य में निजी अस्पतालों को भी शामिल किया जाएगा।
देश में तीन कंपनी कोरोना वैक्सीन बना रही है।
दवा कंपनी जाइडस कैडिला भी कोरोना वैक्सीन का निर्माण कर रही है। कंपनी ने अपनी दवा को जायकोव-डी का नाम दिया है। हैदराबाद में भारत बायोटेक की ओर से बनाई जा रही स्वदेशी कोरोना वैक्सीन का एनआईटी तीन ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल जारी है। ये वैक्सीन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर भारत बायोटेक कोवैक्सीन को विकसित कर रही है।
वहीं पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका मिलकर कोविशील्ड नाम की वैक्सीन तैयार कर रही हैं। इसका महत्व भारत में अच्छा खासा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के टीके के विकास कार्य की समीक्षा के लिए अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे का दौरा किया। इसके बाद राज्य सरकार के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को टीकाकरण की तैयारी करने के आदेश दिए गए थे। जिला प्रशासन की ओर से वैक्सीन भंडारण के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और नागरिक अस्पताल बीके को चिन्हित किया गया है। जिला उपायुक्त यशपाल यादव ने बताया कि वैक्सीन जल्द आने की उम्मीद है। टीकाकरण का कार्य ब्लॉक स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए अलग टीमें बनाई गई हैं, जो इसकी निगरानी करेंगी। प्रतिदिन ब्लॉक स्तर पर सौ-सौ लोगों को टीका लगाया जाएगा।
पहले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को लगाई जाएगी
उपायुक्त यशपाल यादव ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण के कार्य में निजी अस्पतालों को भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान अस्पतालों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सबसे पहले वैक्सीन डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को लगाई जा सकती है, जो सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीजों के बीच में रहते हैं। इसके बाद पुलिसकर्मियों को शामिल किया जाएगा। आखिर में जगह-जगह शिविर लगाकर लोगों का टीकाकरण किया जाएगा।
एसी एंबुलेंस में ले जाई जाएगी वैक्सीन
कोरोना वैक्सीन के भंडारण के लिए एक निश्चित तापमान की जरूरत होगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज और बीके अस्पताल में व्यवस्था की जा रही है, मगर ट्रांसपोर्टेशन के दौरान उस तापमान को बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। इसके लिए एसी एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जाएगा। एंबुलेंस के अंदर एक सूटकेस होगा, जिसमें इन वैक्सीन को रखा जाएगा।