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Faridabad News: नोएडा और दिल्ली के ध्यानार्थ सीजीएसटी जांच में 100 कंपनियां मिलीं फर्जी

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फर्जी आधार और पैन कार्ड पर चल रही कंपनियों सरकार से ले रही थीं इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ
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28 कंपनियां नोएडा से जुड़ीं हैं, 14 कंपनियां फरीदाबाद में और बाकी दिल्ली में
आईटीसी के नाम पर 45 करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचाया
जांच में गड़बड़ी सामने पाए जाने पर विभाग ने 88 लाख वसूले




अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नोएडा में पिछले दिनों फर्जी कंपनियों का खुलासा होने के बाद केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर आयुक्तालय (सीजीएसटी) की ओर से शहर में भी फर्जी कंपनियों के खिलाफ जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम ने नोएडा से जुड़ीं उन 28 सहित 100 कंपनियों का खुलासा किया है, जो फर्जी बिलों के आधार पर सामान की खरीद फरोख्त कर सरकार से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ ले रही थीं। इस दौरान कंपनियों ने आईटीसी के नाम पर सरकार को करीब 45 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया है। कंपनियों को सील कर दिया गया है। मालिकों की तलाश की जा रही है। फिलहाल कंपनी मालिक फरार हैं। फर्जीवाड़े में शामिल कंपनियों से करीब 88 लाख रुपये की वसूली कर ली गई है।
पिछले माह नोएडा पुलिस ने जालसाज के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था, जो फर्जी कंपनियां बनाकर जालसाजी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का क्लेम करते थे। पकड़े गए आरोपी फर्म का फर्जी बिल बनाते थे और जीएसटी रिफंड (इनपुट टैक्स क्रेडिट) प्राप्त कर सरकार को नुकसान पहुंचाते थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 2660 फर्जी कंपनियां मिली थीं। इनमें 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बीते 4.5 साल में आरोपियों ने जीएसटी रिफंड लिया था। इसके साथ ही सीजीएसटी फरीदाबाद आयुक्तालय की एंटी इवेजन ब्रांच की ओर से शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच की गई। इस दौरान नोएडा से जुड़ीं 28 कंपनियां फर्जी पाई गई हैं। इनमें 14 कंपनियां फरीदाबाद में स्थित हैं, बाकी दिल्ली में हैं, जिनसे जिले की कंपनियां सामान की खरीद फरोख्त करती थीं। जांच कार्रवाई के बाद 11 कंपनियों को क्लीन चिट दे दी गई। इसके साथ ही लगभग 80 कंपनियां ऐसी पाई गईं जो धरातल पर थी ही नहीं। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि वह दूसरों के आधार और पैन कार्ड पर चल रही थीं। वहीं, कुछ जगह कंपनी के खाली प्लाॅट पाए गए। हालांकि नोएडा के मुकाबले फर्जी कंपनियां शहर में मिलने का आंकड़ा बेहद कम है। ये संभव हुआ है एंटी इवेजन ब्रांच की लगातार होने वाली कार्रवाई से।
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एंटी इवेजन ब्रांच के अपर आयुक्त राजेश कुमार ने बताया कि किन्ही कारणों से टैक्स का कलेक्शन पहले कम होता था, लेकिन साल 2022-23 में लक्ष्य से भी ज्यादा सीजीएसटी कलेक्शन प्राप्त होने की वजह पिछले डेढ़ साल से एंटी इवेजन ब्रांच का सक्रिय होना भी है। जिले में जो व्यापारी जीएसटी की चोरी कर रहे थे, उन पर शिकंजा कसा गया, ताकि वह टैक्स जमा कराएं। इससे वसूली में इजाफा हुआ है और आगे भी एंटी इवेजन ब्रांच को मजबूत करने की दिशा में काम जारी रहेगा। जांच में फर्जी पाई गई कंपनियों की जांच जारी है। दिल्ली स्थित कंपनियों की भी जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है।
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