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दस वर्षीय मासूम की हत्या का मामला ः 500 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की जांच कर रही पुलिस

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फरीदाबाद। रविवार देर रात गला दबाकर हुई दस वर्षीय मासूम की हत्या मामले में पुलिस का शक मृतक के किसी करीबी पर ही है। पुलिस ने करीब 500 मोबाइल नंबरों की जांच करनी शुरू की है। ये वह मोबाइल नंबर हैं जो वारदात के दिन घटनास्थल के आसपास थे। इसके लिए साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। वहीं, सोमवार शाम बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया।
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सूत्रों के मुताबिक पुलिस के शक की सूई पहले दिन से बच्चे के किसी करीबी की तरफ ही इशारा कर रही है, लेकिन घर में मातम का माहौल होने के कारण फिलहाल पुलिस परिजनों से पूछताछ करने से कतरा रही है। जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच टीम यह पुख्ता कर लेना चाहती है कि आखिर उस रात घर में परिजनों के अलावा बाहर का कौन व्यक्ति मौजूद था। अभी तक कि जांच में यह माना जा रहा है कि घटना को अंजाम देने के लिए बाहरी व्यक्ति शामिल तो है, लेकिन इसके बारे में बच्चे के किसी करीबी को भी जानकारी है।
हत्या के हालातों को देखकर यह माना जा रहा है कि मुख्य मकसद कुछ और था। घर में घुसे आरोपी को बच्चे ने पहचान लिया और राज को छिपाने के लिए बच्चे की हत्या कर दी गई। मंगलवार को जांच टीम ने मृतक के घर के आसपास के लोगों से पूछताछ की है। यक्ष के पिता राकेश से भी पुलिस ने पूछताछ की है जिसमें उसने किसी पर शक जाहिर नहीं किया है। घटना के दिन राकेश फरीदाबाद में मौजूद नहीं था। उसने पुलिस को बताया कि उसकी किसी से कोई दुश्मनी या रंजिश ऐसी नहीं रही कि कोई उसके बच्चे की हत्या कर दे। पुलिस परिजनों द्वारा दिये गए बयानों के अलावा भी जांच को आगे बढ़ा रही है। अभी तक की पूछताछ में कई बयान संदिग्ध हैं जिनकी पुष्टि की जा रही है।
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थाना तिगांव प्रभारी जोगिंदर का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। अभी किसी ठोस नतीजे पर पुलिस नहीं पहुंची है। जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।
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