फरीदाबादवासियों को बारिश के मौसम में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या से जल्द निजात मिलेगी। नगर निगम ने अपने सभी डिस्पोजल को बेहतर तरीके से चलाने के लिए तकनीक का सहारा ले रहा है।
स्मार्ट सिटी के लिए शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर निगम ने बीपीटीपी के पास बने डिस्पोजल पर पंप डाटा लॉगर लगाया है। जो एक तरह का मॉनिटरिंग सिस्टम है।
इस तकनीक के जरिये डिस्पोजल के दौरान निगम अधिकारियों को मोबाइल पर सूचनाएं मिलती रहेंगी। अभी तक निगम अधिकारियों को सूचना मिलने पर खुद फील्ड में जाकर डिस्पोजल को चेक करना पड़ता था लेकिन अब वह कार्यालय में बैठ कर पूरी मॉनिटरिंग कर सकेंगे। इससे निगम कर्मचारी कामचोरी भी नहीं कर पाएंगे।
ज्ञात हो कि निगम क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या सीवर ओवर फ्लो और बरसाती पानी का जमाव है। अभी तक निगम सेक्टरों के सीवर व बरसाती पानी सबसे पहले डिस्पोजल करता है। यहां से इस पानी को मोटर के जरिये मेनलाइन में डाला जाता है।
ताकि सेक्टर की सारी सीवर व स्टॉर्म वाटर लाइन खाली रहे। देखने में आता है कि कई निगम कर्मचारी डिस्पोजलों को चलाते ही नहीं हैं। इससे पानी सेक्टर की लाइनों में भरा रहता है। यही ओवरफ्लो होने का कारण बनता है।
कर्मचारियों की इस कामचोरी को रोकने और तकनीक के जरिये सिस्टम को चलाने की योजना बनाई गई है। धीरे-धीरे इस पंप डाटा लॉगर से अन्य डिस्पोजलों को भी जोड़ा जाएगा। निगम के अधीक्षण अभियंता डीआर भास्कर ने बताया कि निगम ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहला सिस्टम बीपीटीपी डिस्पोजल पर लगाया है।
इसमें सेक्टर 14,15,16 व 15ए का सीवर व बरसाती पानी आता है। यहां से इसे मेनलाइन में मोटर चला कर डाला जाता है। यहां पर मोटरों के साथ ही पंप डाटा लॉगर सिस्टम लगाया है। जो जीपीएस व जीपीआरएस से जुड़ा है।
इसके अंदर मोबाइल की चिप डाल कर संबंधित अधिकारी का मोबाइल व इमेल एड्रेस फीड कर दिया गया है। जब इस डिस्पोजल को चालू किया जाएगा तो तुरंत अधिकारी के मोबाइल पर मैसेज पहुंच जाएगा। यहां पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं जो पानी की लीकेज के बारे में भी अधिकारियों को मैसेज के जरिये सूचना देंगे।