मुख्य आरोपी राजेश ने पूछताछ में बताया कि खेलने वाले खिलाड़ियों को दिन में क्वाइन बेच दिया जाता था। जिसकी कीमत 100 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक होती थी। रात के समय सभी खिलाड़ी अपने-अपने क्वाइन को लेकर उसके घर में एकत्रित होते थे।
जो लोग नहीं आ पाते थे वह व्हाट्सएप या मोबाइल कॉल के जरिये खेल की ऑनलाइन बोली लगाते थे। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 प्रभारी विमल राय ने बताया कि करीब तीन-चार माह पहले से इन लोगों ने जुआ खेलने का यह तरीका अपनाया था। जिसकी सूचना मिलने पर मामले में मुख्य आरोपी समेत सभी छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।