"प्रधानमंत्री जी, मैं 75 साल का बुजुर्ग हूं और दिल का मरीज हूं। मेरे घर के साथ सेहतपुर, सूर्या विहार में रिहायशी क्षेत्र में अवैध रूप से कपड़े रंगाई की फैक्टरी चल रही है। इससे निकलने वाली जहरीली गैसों से जीना मुश्किल हो गया है। कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुका हूं, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब आप से इतनी गुजारिश है कि मुझे जीने दिया जाए और अवैध रूप से चल रही इस रंगाई फैक्टरी को बंद करवाया जाए।"
यह गुहार लगाई है फरीदाबाद के सूर्या विहार निवासी कैलाश नाथ गुप्ता ने। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित मुख्यमंत्री मनोहर लाल, जिला उपायुक्त, निगमायुक्त, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी शिकायत भेजी है, मगर अभी तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
कैलाश नाथ गुप्ता ने बताया कि उनके घर के बगल वाले प्लॉट में अवैध रूप से कपड़ों की रंगाई फैक्टरी चल रही है। पूरे दिन यहां काम चलता है, जिससे निकलने वाली जहरीली गैसों से आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। एकदम बगल वाला घर होने के कारण वे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा फैक्ट्री से गंदा पानी भी बाहर नालियों में और खाली प्लॉटों में छोड़ा जाता है, जिससे भूजल भी दूषित हो रहा है।
लोगों व प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए दूध की डेयरी का बोर्ड लगाया था। जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो फैक्टरी मालिक ने उस पर काले रंग से पेंट करवा दिया। कैलाश नाथ गुप्ता का कहना है कि उन्होंने कई बार रंगाई फैक्टरी का विरोध किया है। इससे फैक्टरी संचालक उनके साथ झगड़ा कर जान से मारने की धमकी दे चुके हैं।
विरोध के कारण अब वे लोग फैक्टरी से निकलने वाला गंदा पानी व अन्य गंदगी भी उनके घर के आगे डाल रहे हैं। इस कारण उनके घर के बाहर कीचड़ हो गया है। वे इसकी शिकायत पुलिस व जिला प्रशासन से भी कर चुके हैं। कोई कार्रवाई नहीं होने पर अब उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से गुजार लगाई है।