जिले की 24 लाख की आबादी को एक और नया सरकारी अस्पताल मिल सकता है, जो सिविल अस्पताल में खाली पड़ी जमीन पर बनाया जाएगा। अस्पताल परिसर में 100 बेड का नया अस्पताल बनने से न केबल सिविल अस्पताल का विस्तार होगा। बल्कि यहां बेडों की संख्या बढ़कर 300 हो जाएगी। यह संकेत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलशन अरोड़ा ने पत्रकार वार्ता में दिए। उन्होंने कहा कि शहर की आबादी के हिसाब से अस्पताल में बेडों की संख्या काफी कम है। इन्हें बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
वर्तमान स्थिति यह है कि 200 बेड के बीके सिविल अस्पताल में रोजाना करीब 1700 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। एक ओपीडी में 150 से 200 मरीजों की संख्या रहती है। इससे डॉक्टरों पर भी मरीजों का बोझ रहता है। वहीं, ओपीडी में भीड़ अधिक होने के कारण मरीजों को बिना इलाज के वापस घर लौटना पड़ता है। इससे मरीजों को काफी परेशानी होती है। हालांकि, स्वास्थ्य सुविधाओं में दो-तीन वर्ष से लगातार सुधार भी देखने को मिला है, मगर सुविधाओं में विस्तार के साथ अस्पताल में बेडों की कमी भी महसूस की गई है।
शहर की जनसंख्या के हिसाब से शहर में करीब 400 बेड का सरकारी अस्पताल होना चाहिए। निदेशालय ने एक और सरकारी अस्पताल शहर को दने की बात कही है। इसके साथ ही बीके अस्पताल के विस्तार भी योजना बनाई जा रही है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की जगह 100 बेड का अस्पताल और बनाया जा सकता है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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- डॉ. गुलशन अरोड़ा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, फरीदाबाद