सकारात्मक : तीन बार सांसद रहे हैं। मोदी और आडवाणी से अच्छे संबंध। जाट बेल्ट में पकड़।
नकारात्मक : खरी-खरी सुना देते हैं, इसलिए कई बार कार्यकर्ताओं और जनता को उनकी बात का बुरा लग जाता है।
कृष्णपाल गुर्जर
सकारात्मक : हरियाणा में परिवहन मंत्री रहे। संघ और मोदी से अच्छे रिश्ते। पार्षद से सफर शुरू कर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक दल के नेता तक का पद संभाला। मिलनसार हैं।
नकारात्मक : गुर्जर होना चुनाव में उनके लिए नकारात्मक पक्ष है, क्योंकि वर्तमान सांसद अवतार भड़ाना गुर्जर हैं। ऐसे में गुर्जर वोट बंट सकते हैं। इस समय वह प्रदेश एवं केंद्र की राजनीति में से कहां जाएं, इस असमंजस में हैं। उनकी नजदीकी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी बताई जाती है।
यशवीर डागर
सकारात्मक : संघ से ताल्लुक। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नजदीकी, इसीलिए उन्हें मोर्चा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जैसा बड़ा पद मिला है। टिकट मिले तो जाट होने का फायदा मिल सकता है।
नकारात्मक : पार्टी में नया चेहरा हैं, इसलिए कोई विशेष जनाधार नहीं है। युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनने की उपलब्धि पार्टी के एक धड़े को पच नहीं रही है, इसलिए उनकी रैलियों में पार्टी की पूरी इकाई खड़ी नहीं दिखती।
मनधीर मान
सकारात्मक : जमीन बेचकर पैसा मिला है, इसलिए वह पैसे की पावर का इस्तेमाल कर रहे हैं। समाजसेवा में पैसा खर्च कर लोगों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं। इस समय 50 फीसदी से अधिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वही मुख्य अतिथि होते हैं।
नकारात्मक : पार्टी में बिल्कुल नए हैं। उनसे ज्यादा वरिष्ठ नेता पहले ही लाइन में लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर कोई पैसे से चुनाव जीतता, तो फरीदाबाद से एस्कॉर्ट्स के मालिक राजन नंदा चुनाव नहीं हारते।
जेपीएस सांगवान
सकारात्मक : जाट समाज फरीदाबाद के अध्यक्ष हैं, इसलिए जाटों में अच्छी पकड़। सोनीपत से पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान के परिवार से हैं। सेवानिवृत्त आईएएस हैं।
नकारात्मक : पार्टी में नया चेहरा हैं। जिला इकाई से अपेक्षित सहयोग नहीं। आम जनता में पकड़ बहुत कम है, इसलिए आजकल अपना परिचय अखबारों में इश्तिहार छपवाकर दे रहे हैं।