एनआईटी दो चौकी प्रभारी धर्मचंद यादव ने बताया कि मूल रूप से छांयसा का रहने वाला 34 साल का सुरेश भाटी पुत्र राजेंद्र भाटी आइआरबी में तैनात हैं। वह 2008 में सिपाही के रूप में भर्ती हुआ था।
हाल में उसे हेडकांस्टेबल के पद पर पदोन्नति भी मिली थी। उसके कामकाज को देखते हुए बीते कुछ माह पहले एसटीएफ में के साथ अटैच कर दिया गया था। जहां वह अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा था।
शुक्रवार सुबह गुरुग्राम के भोंडसी से सरकारी काम से अपनी मोटर साइकिल से बल्लभगढ़ की तरफ जा रहा था। इसी दौरान एनआइटी-दो में धर्मशाला के सामने डंपर चालक ने उसकी मोटर साइकिल में पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही वह मोटर साइकिल से गिर गया। टक्कर लगने के बाद भी डंपर चालक नहीं रुका। वह सुरेश को करीब पांच से सात मीटर तक घसीटता ले गया।
लोगों के शोर मचाने पर डंपर जब तक रुकता, तब तक डंपर के सभी पहिए जवान के सिर के ऊपर से गुजरते चले गए। घायल सुरेश ने छटपटाते हुए पिछले टायर से बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन चालक की लापरवाही की वजह से पीछे का टायर भी उसके सिर पर चढ़ गया।
इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुुरेश शादीशुदा था। उसके दो बेटे व एक बेटी भी हैं। पुलिस ने सुरेश के भाई नरेश के शिकायत पर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है।