जिस समय डीसीपी कपूर ने खुद को गोली मारी उनकी पत्नी बाथरूम में थीं। गोली की आवाज सुनकर वह बाहर आईं तो देखा पति ड्राइंग रूम में खून से लथपथ थे। इसके बाद उन्होंने बेटे अर्जुन को जगाया।
गौरतलब है कि डीसीपी कपूर एक साल बाद रिटायर होने वाले थे। जानकारी मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक की टीम मौके पर पहुंची और जांच कर रही है। अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। न ही कोई सुसाइड नोट मिला है।
विक्रम कपूर मूलरूप से करनाल के रहने वाले थे और हरियाणा पुलिस में asi के पद पर भर्ती हुए थे। प्रमोशन पाकर वह आईपीएस बन चुके थे और पिछले दो साल से फरीदाबाद में तैनात थे।