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फरीदाबाद: दो कमरों में चल रहे कॉलेज, कैसे होगा सामाजिक दूरी के नियमों का पालन

Fri, 02 Oct 2020 09:47 AM IST
प्राची प्रियम मूर्ति दलाल, फरीदाबाद
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मोहना स्थित राजकीय कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद जिले के तीन सरकारी कॉलेजों के विद्यार्थियों के बैठने को लेकर स्थिति चिंताजनक है। हालांकि, 21 सितंबर से उनकी कक्षाएं वैकल्पिक रूप से विद्यालयों में चल रही हैं जहां खुद जगह की कमी है। ऐसे में अगर अब पूरी तरह से कॉलेजों के खोलने की बात आई तो परिसर की कम जगह में विद्यार्थी सामाजिक दूरी का पालन कैसे करेंगे।   

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वर्ष 2018 से जिले में मोहना, नचौली व बल्लभगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नाम पर तीन नए सरकारी कॉलेजों का शैक्षणिक सत्र जारी किया गया, लेकिन इन कॉलेजों में न तो शिक्षक पूरे हैं और न ही इमारत। ऐसे में तीनों सरकारी कॉलेज केवल राजकीय विद्यालयों के दो-चार कमरों में ही चल रहे हैं। 

अनलॉक-5 के साथ यदि स्कूलों और कॉलेजों की पढ़ाई साथ-साथ शुरू होती है तो इन कॉलेजों में सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन होगा जिसमें संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ेगी। इसके पहले स्कूलों में प्रवेश और निकास गेट को लेकर भी मामला पेचींदा हो गया था। 
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मोहना स्थित राजकीय कॉलेज की स्थिति
यह कॉलेज मोहना गांव के ही राजकीय विद्यालय में संचालित है। कॉलेज प्रबंधन को दो कमरे 78 बेंच के साथ आवंटित किए गए हैं। एक कमरे में मात्र 15 से 20 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। मौजूदा समय में यहां 251 विद्यार्थी हैं। 

नए दाखिलों के साथ यह संख्या 460 तक पहुंचने का अनुमान है। कॉलेज में बीए, बीकॉम व बीएससी की पढ़ाई के लिए हिंदी, रसायन शास्त्र, भौतिक विज्ञान, राजनीति शास्त्र, अंग्रेजी के प्रवक्ता भी उपलब्ध नहीं हैं। 

जिला उपायुक्त, उच्च शिक्षा निदेशालय, मंत्री सहित सभी पदाधिकारियों से कमरों की कमी के बारे में पत्राचार किया है। आश्वासन मिला है कि जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। नई इमारत जनवरी में मिलने की उम्मीद है हालांकि, फिलहाल चुनौतियां बनी हुई हैं। 
- एमके गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय मोहना कॉलेज
 

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बल्लभगढ़ स्थित राजकीय कन्या कॉलेज की स्थिति
इस कॉलेज की कक्षाएं भी राजकीय विद्यालय में अलॉट छह कमरों में लगती हैं, अन्य 4 कमरों में लाइब्रेरी, प्राचार्या कार्यालय, लैब स्टोर जैसी व्यवस्थाएं हैं। फिलहाल यहां 400 बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। बीए-बीकॉम व बीएससी की आईटी लैब के लिए कमरे नहीं हैं। 

प्रत्येक कमरे में 15 से 20 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। नए दाखिले पूरे होने पर विद्यार्थियों की संख्या 600 के पार जाने का अनुमान है। स्कूल प्रबंधन ने और कमरे देने से इनकार कर दिया है, कॉलेज की व्यवस्था के लिए पहले ही स्कूल की प्राइमरी विंग शिफ्ट की जा चुकी है। नई इमारत का काम पूरा होने में अभी एक से डेढ़ साल का समय है। 

शैक्षणिक सत्र के लिए अतिरिक्त जगह की व्यवस्था नहीं हो पा रही। यदि शैक्षणिक सत्र शुरू होता है तो स्कूल प्रबंधन से बात कर स्कूल के बाद इन कमरों में दोपहर एक बजे के बाद कक्षाएं लगाई जाएंगी। कुछ कक्षाएं ऑनलाइन ही जारी रहेंगी। 
-  डॉ कृष्ण श्योराण, प्राचार्या

नचौली राजकीय कन्या कॉलेज की स्थित
कॉलेज कक्षाओं के लिए राजकीय स्कूल की इमारत भी वापस ले ली गई। सेक्टर-16 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय के चार कमरों में ही गांव नचौली की 193 छात्राएं शैक्षणिक सत्र पूरा कर रही हैं। नए सत्र में दाखिलों के बाद छात्रा संख्या 300 से ज्यादा होने का अनुमान है। शैक्षणिक सत्र के लिए पर्याप्त स्टाफ की कमी यहां भी हैं।

दाखिलों के बाद अधिक कमरों की जरूरत होगी। महिला कॉलेज से दो और कमरों की मांग की है, वह सहयोग को तैयार हैं। कुछ कक्षाएं ऑनलाइन ही लगाई जाएंगी। अन्य व्यवस्थाएं निदेशालय गाइडलाइंस अनुसार करेंगे।
- डॉ. सुनिधि, प्राचार्या
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