इस मामले को लेकर सीएमओ डॉ. गुलशन अरोड़ा ने चार सदस्यीय टीम बना कर जांच शुरू की थी। सोमवार को सीएमओ व पीएमओ समेत टीम के सदस्यों ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी के फुटेज की जांच की।
जांच टीम के सदस्यों ने दावा किया है कि मरीज के कटे हुए पैरों को तकिया निजी एंबुलेंस कर्मियों ने बनाया था। अस्पताल के डाक्टरों ने उन्हें हटा कर मरीज को उपचार के लिए तुरंत ले गए थे। इसके बाद उन्हें दिल्ली ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
क्या कहती हैं पीएमओ
बीके सिविल अस्पताल की प्रधान चिकित्साधिकारी (पीएमओ) सविता यादव ने बताया कि सीएमओ की अगुवाई में जांच टीम बनाई गई थी। इस प्रकरण में अस्पताल में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में मरीज को यहां तक लाने वाले निजी एंबुलेंस कर्मियों की गलती स्पष्ट हो रही है।