नोटबंदी के 35 दिन बाद भी लोगो की परेशानियां कम होने का नाम नही ले रही हैं। लोग कैश के लिए रात-रात भर लाइनों में लग रहे हैं, इसके बाद भी इस बात की गांरटी नही कि एटीएम से कैश मिलेगा या नहीं।
नोटबंदी से व्यापारी हो या उद्यमी या फिर नौकरीपेशा हर कोई परेशान है। मंगलवार को शहर के सबसे बड़े बाजार एनआईटी-एक का जायजा लिया। गली-गली एटीएम तो दिखे लेकिन सभी के शटर डाउन थे या फिर बाहर नो कैश का बोर्ड लगा था। इस बाजार में दस एटीएम बताए जाते हैं, जो इन दिनों ठप पड़े हैं। पेश है गौरव चौधरी की रिपोर्ट:-
प्लास्टिक मनी के भरोसे बाजार
एनआईटी का एक नंबर बाजार शहर का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है। एक हजार से ज्यादा स्थायी दुकानें हैं और दो हजार से ज्यादा लोग फुटपाथ व सड़क पर सामान बेचते हैं। बाजारा में रोजाना पांच हजार से अधिक लोग खरीदारी करने आते हैं लेकिन अब यह आंकड़ा घट गया है। बाजार में खरीदारों को कैश की किल्लत न हो इसको ध्यान में रखते हुए दस से ज्यादा एटीएम लगवाए गए थे लेकिन नोटबंदी के बाद अब बाजार महज प्लास्टिक मनी के सहारे है।
बाजार में दुकानदारों के चेहरे लटके
एनआईटी क्षेत्र की दस से ज्यादा सड़कों पर दुकानें लगती हैं। इसलिए पंजाब नेशनल बैंक, सिडीकेट बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और ओरिएंटल बैंक सहित अन्य बैकों के एटीएम बंद पडे थे। ऐसे में दुकानदारों और मार्केट में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को भी परेशानी हो रही है। बाजार में अस्थायी दुकानदारों के चेहरे लटके हुए हैं। कपड़ा विक्रेता हों या फिर अन्य सामान बेचने वाले दुकानदार, ग्राहकों को आवाज लगाकर लुभा रहे हैं लेकिन खरीदार जेब खाली होने के चलते चाहकर भी खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं।
एक महीने से नही डाला कैश
एक नंबर मार्केट के दुकान राजेश ने बताया कि उनकी दुकान के पास लगे बैंक के एटीएम में एक महीने से पैसे नही डाले गए हैं। बैंक में पैसे नही मिलते हैं। लोग खरीदारी करने के बाद 2000 का नोट देते हैं । ऐसे में कैसे खुले पैसे दें।
नोटबंदी के बाद से मार्केट के किसी भी एटीम में पैसा नही डाला गया है। ऐसे दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है लेकिन कई बैकों से संपर्क किया गया है कि एटीएम में पैसा डाला जाए।-जगदीश भाटिया ,प्रधान व्यापार मंडल