हरियाणा सरकार ने राज्य के दो जिलों को स्मार्ट सिटी बनाने की तैयारी कर ली है। स्मार्ट सिटी की इस दौड़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का जिला करनाल पहले नंबर पर और केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का जिला फरीदाबाद दूसरे नंबर पर है।
बाकी तीन जिलों के नाम तीसरे नंबर पर रखे गए हैं। इनमें गुड़गांव, हिसार और रोहतक का नाम शामिल है। स्मार्ट सिटी को लेकर यहां हुई स्टीयरिंग कमेटी की राज्य स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया।
अब यह फाइल मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए जाएगी। बुधवार को हुई बैठक में करनाल, हिसार, रोहतक , यमुनानगर और पानीपत के मेयर ने हिस्सा लिया।
सात नगर निगमों के कमिश्नर भी बैठक में मौजूद थे। इसमें करनाल की मेयर रेणु गुप्ता ने प्रभावी ढंग से अपने जिले की बात को उठाया। राज्य सरकार 31 जुलाई तक केंद्र सरकार को इन शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रस्ताव भेज देगी।
मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में स्मार्ट सिटी के दावेदार आठ नगर निगमों और एक नगर परिषद के आयुक्तों ने अपना प्रेजेंटेशन दिया।
हर निगम ने खुद को श्रेष्ठ बताते हुए स्मार्ट सिटी के लिए दावेदारी पेश की। सीएम सिटी करनाल 90 अंकों के साथ पहले नंबर पर रहा, जबकि केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का फरीदाबाद शहर 90 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर आया।
स्मार्ट सिटी की दौड़ में पीछे रह गया रोहतक
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का शहर रोहतक स्मार्ट सिटी की जद में आने के बावजूद पिछड़ गया है। रोहतक को अंक तो करीब 80 मिले हैं, लेकिन प्रतीक्षा सूची में तीसरे स्लाट में डाल दिया गया है। मालूम हो रोहतक का अधिक विकास करवाने को लेकर विपक्ष हमेशा हुड्डा को कटघरे में खड़ा करता रहा है।
गुड़गांव और हिसार भी पिछड़े
पहले से ही विकसित केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का शहर गुड़गांव भी तीसरे पायदान पर पहुंच गया है। यही हालात हिसार के भी हैं। लगभग बराबर अंकों के साथ हिसार और गुड़गांव तीसरे स्थान पर हैं।
यह शहर पहले ही हो चुके हैं बाहर
स्मार्ट सिटी की दौड़ में पलवल, पानीपत, सोनीपत और यमुनानगर पहले ही बाहर हो चुके हैं। इन शहरों का आंकड़ा 35 से 78 अंकों के बीच का रहा है। पलवल को 20 अंकों पर भी संतोष करना पड़ा।