दिल्ली के शादीशुदा जोड़े बच्चों को जन्म देने में हम दो, हमारे एक की लाइन पर दौड़ पड़े हैं। राजधानी में वर्ष 2013 में जन्म लेने वाले 3.70 लाख बच्चों में से 61.19 फीसदी पहली संतान थी। जबकि दो या उससे अधिक बच्चे पैदा करने वाले सिर्फ 9.6 फीसदी ही रह गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक गत वर्ष के मुकाबले दिल्ली में लिंगानुपात प्रति हजार 886 से बढ़कर 895 हो गया है। हालांकि 2010 में यह 901 था।
शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। उसमें यह साफ दर्शाया गया है कि राजधानी में दूसरे, तीसरे और चौथे बच्चे को जन्म देने वाले जोड़ों की संख्या तेजी से घटी है।
वर्ष 2012 में दूसरा बच्चा पैदा करने वाले जोड़ों की संख्या 33.14 फीसदी थी वह अब वह घटकर 29.21 फीसदी रह गई है। वहीं तीसरे बच्चे के मामले 8.83 फीसदी से घटकर 7.69 फीसदी रह गए है। वहीं चौथी संतान की आंकड़ा 2.23 फीसदी से घटकर 1.91 फीसदी तक आ गया है।