सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज के बीकॉम सेकेंड ईयर का छात्र अर्पित भले इस दुनिया में नहीं है। लेकिन उसकी आंखें जरूर किसी को नई दुनिया दिखाएंगी। अर्पित के परिजनों ने कॉर्निया दान कर दिया है।
अर्पित के पिता और पेशे से कैब चालक भूपेंद्र ने बताया कि परिवार ने कॉर्निया दान किया है। बेटा रक्षाबंधन के बाद रविवार को दिल्ली लौटा था। लेकिन अब उसका शव देखना पड़ा है। घटना स्थल पर हर कोई बता रहा था कि पीजी की हालत बहुत ज्यादा खराब थी। काश बेटे ने पहले बताया होता तो उसे कभी वहां ठहरने नहीं देता।
सीए की तैयारी भी कर रहा था अर्पित
अर्पित के चेहरे पर चोट अधिक होने की वजह से उसकी पहचान में भी मुश्किल हुई थी। शरीर पर जन्म के समय के निशान से उसकी पहचान की जा सकी। अर्पित बड़े शहर में पढ़ाई करना चाहता था। वह बेहद आज्ञाकारी बेटा था और अच्छा कर रहा था। बेटे पर गर्व था। वह अपनी मां का बेहद प्रिय था। अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। बीकॉम के साथ वह सीए की तैयारी भी कर रहा था।
एम्स में सभी सात का हुआ पोस्टमार्टम
वहीं हादसे में जान गंवाने वाले सभी सात का सोमवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर में पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया। एम्स में घटना स्थल से 12 लोग लाए गए थे। जिसमें छह मृत शामिल थे। जबकि एक की मौत अस्पताल में हुई। सोमवार को भी घटना स्थल से दो मृत लोगों को लाया गया था। पोस्टमार्टम के लिए मृत लोगों की पहचान किसी की पत्नी, भाई, बहन, मां और पिता ने की।
घायलों में एक की हालत गंभीर
एम्स द्वारा जानकारी के अनुसार अभी अस्पताल में चार मरीज भर्ती है। जिसमें तीन की हालत स्थिर और एक की हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि एक मरीज को रविवार को डिस्चार्ज कर दिया गया था। अस्पताल में आने वालों में आठ छात्र और तीन मजदूर थे। जबकि एक के पेशे को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई। बता दें मृतकों में 19 वर्षीय अभिषेक कुमार, अक्षत सिंह, अर्पित, 20 वर्षीय युवराज सोनी, 17 वर्षीय पवन, 30 वर्षीय परम लाल, और 56 वर्षीय सुरेंद्र सिंह शामिल है। इसके अलावा हादसे के तीन घायलों का सफदरजंग अस्पताल में उपचार जारी है। सभी की हालत स्थिर है।