पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और थाने ले गई। पीड़ित पिता ने रोना-चिल्लाना शुरू कर दिया कि आगाहपुर निवासी विकास ने उसके बेटे को फोन करके बुलाया था और फिर अपहरण कर लिया। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस आगाहपुर गई तो विकास को घर से अपने साथ थाने ले आई।
व्यापारी ने सुबह करीब 11 से 4 बजे तक जमकर ड्रामा किया। हालांकि पुलिस टीमें लगातार युवक को तलाश कर रही थी और उसके नंबर को भी सर्विलांस पर लगाया दिया था। करीब 4 बजे युवक ने कुछ देर के लिए मोबाइल ऑन किया था तो पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई।
करीब सवा 4 बजे पुलिस ने किसी तरह युवक को कालिंदी कुंज के पास से बरामद कर लिया और थाने ले गई। पुलिस ने मनोहर से पूछताछ की तो उसने बताया कि पिता की डांट के बाद वह दुकान से निकल गया और अपना मोबाइल भी बंद कर लिया था।
पुलिस के सामने मनोहर ने कबूल किया कि विकास से उसने बहन की शादी और व्यापार के लिए पैसा लिया था। जो उसके पिता को लौटाना पड़ा था। पुलिस का कहना है कि मनोहर और विकास को शांति भंग के आरोप में पाबंद किया गया है। इनका पैसे का लेन देन को लेकर मामला चल रहा था और अपहरण जैसी कोई घटना नहीं थी।