- गोविंदपुरी इलाके में लूट और अपहरण की झूठी कॉल को पुलिस ने सुलझाया, कॉलर समेत उसके तीन अन्य साथियों को किया गया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। काम करने के दौरान मालिक ने ठेकेदार को एक अलमारी दे दी। ठेकेदार ने भी अलमारी कबाड़ी को बेच दी। कबाड़ी ने जब उसके लॉकर को खोला तो उसमें 70 ग्राम सोना और 20 ग्राम चांदी निकली। सोना ठेकेदार को लौटाते हुए कबाड़ी ने मालिक को भी इसकी सूचना दे दी, लेकिन ठेकेदार के मन में लालच आ गया।
ठेकेदार ने सोना-चांदनी हड़पने के लिए पुलिस कर्मियों को अपहरण और लूट की झूठी कॉल कर दी। गोविंदपुरी थाना और एंटी रॉबरी सेल ने इस गुत्थी से पर्दा उठाते हुए ठेकेदार व उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से 60 ग्राम सोना, वारदात में इस्तेमाल बाइक व वारदात के समय पहने कपड़े और अलमारी बरामद कर ली है।
आरोपियों की पहचान ठेकेदार मंटू मंडल (42) व इसके साथी राजकुमार (39), सरफराज (43) और राजू उर्फ यूसुफ (38) के रूप में हुई है। राजू मंटू का दोस्त है। आरोपी ने वारदात में पुलिस कर्मियों को फंसाने का भी प्रयास किया।
दक्षिण-पूर्व जिला की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ऐश्वर्या शर्मा बताया कि 26 जून की रात को उनकी टीम को गोविंदपुरी में अपहरण और लूट की कॉल मिली थी। मंटू ने बताया कि 25 जून की रात को बाइक सवार दो युवक उसके घर पहुंचे। खुद को पुलिसकर्मी बताकर आरोपियों ने सोने की मांग की। बाद में आरोपी मंटू को बाइक पर अगवा कर ले गए।
करीब एक किलोमीटर बाद उसे बाइक से उतारकर आरोपी फरार हो गए। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरी थाना और जिले की एंटी रॉबरी सेल ने मामले की छानबीन की। इस दौरान मंटू ने थाने के एक पुलिसकर्मी को लुटेरे के रूप में पहचान कर सनसनी फैला दी। टीम ने सीसीटीवी कैमरे से पड़ताल की तो दो युवक मंटू को ले जाते दिखे।
पड़ताल के बाद पुलिस ने लूटपाट करने वाले राजकुमार, सरफराज और इनके साथी राजू को दबोच लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने पूरी साजिश उगल दी। बाद में शिकायतकर्ता मंटू को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसने बताया कि लाखों का सोना हड़पने के लिए पूरी साजिश रची थी।
ऐसे रची गई लूट की पूरी साजिश...
मंटू कंस्ट्रक्शन का ठेकेदार है। कुछ समय पूर्व लाजपत नगर इलाके में उसका काम चल रहा था। इस बीच एक माह पूर्व मालिक जितेंद्र ने उसे एक अलमारी दी। उसका लॉकर अंदर से बंद था। 25 जून को मंटू ने अलमारी को एक जानकार कबाड़ी को बेच दिया। उसने जब अलमारी का लॉकर खोला तो उसमें सोना और चांदी मिला। उसने सोना और चांदी मंटू के हवाले कर मालिक जितेंद्र को भी कॉल कर दिया। सोना मिलने पर मंटू सोना हड़पना चाहता था। राजू ने उसी दिन दो लोगों का इंतजाम कर लूट और अपहरण की फर्जी कहानी बनाई। रात के समय दोनों युवक सोना ले गए और मंटू को अगवा करने का दिखावा किया गया।
अगले दिन जब जितेंद्र ने अपना सोना मांगा तो आरोपियों ने पीसीआर कॉल कर पुलिसकर्मियों का नाम ले लिया, लेकिन पुलिस ने लूट और अपहरण की इस फर्जी कहानी से पर्दा उठा दिया। बाद में इनको गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस चारों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।