राजधानी दिल्ली में बाहरी जिला स्पेशल स्टाफ ने सल्फास की नकली गोली बनाने वाली फैक्टरी का खुलासा किया है। फैक्टरी मुंडका इलाके में चल रही थी। पुलिस ने फैक्टरी मालिक, प्रबंधक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 1204 किलो सल्फास की नकली गोलियां, पांच हजार बोतलें, निर्माण और पैकेजिंग करने वाली मशीनें और दो हजार किलो यूरिया ज़ब्त की है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहतक हरियाणा निवासी संदीप, पारा मोहल्ला रोहतक निवासी योगेश और रॉबिन के रूप में हुई है। संदीप फैक्टरी का मालिक है, वहीं योगेश प्रबंधक और रॉबिन केयर टेकर है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 29 अप्रैल को स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि मुंडका इलाके में सल्फास की नकली गोलियां बनाने की फैक्टरी चल रही है और यहां काफी मात्रा में गोलियों जमा कर रखी गई है। निरीक्षक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सूचना को पुख्ता करने के बाद कीटनाशक निरीक्षक सत्यवीर शर्मा को अपनी टीम में शामिल किया। पुलिस की टीम ने मुंडका गांव में स्थित फैक्टरी पर छापा मारा। फैक्टरी में काफी मात्रा में सल्फास की नकली गोलियां, इसे बनाने और पैकिंग करने वाली मशीनें और यूरिया व अन्य सामान मिले। सत्यवीर शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने फैक्टरी मालिक सहित तीन आरोपियों को गिरप्तार कर लिया।
पूछताछ में संदीप ने बताया कि पहले वह कीटनाशक बनाने वाली फैक्टरी में काम करता था। अनुभव होने के बाद वह मुनाफा कमाने के लिए नकली सल्फास बनाकर उसे पूरे देश में बेचने लगा। पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह इसे बनाने का सामान कहां से लाता था और इसे कहां कहां बेचता था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसे बनाना गैर कानूनी है। आरोपी न केवल इसे रिहायशी इलाके में बना रहा था बल्कि उसे देशभर में बेचकर मुनाफा भी कमा रहा था।
एक दिन में दो लाख की सल्फास की गोलियां बेच रहा था आरोपी
पूछताछ में फैक्टरी मालिक ने बताया कि गेहूं के कटाई के समय सल्फास कीटनाशक की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर वह काफी मात्रा में सल्फास की नकली गोलियां बनाता था। उसने बताया कि रोज का करीब दो लाख रुपये की गोलियां बेचता था। पुछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले फुलबंगश के पास स्थित इंद्रा मार्केट में काम करता था। जहां कीटनाशक का काम होता था। यहीं से वह इसे बनाने का तरीका सीखा। उसके बाद अपना काम करने का फैसला किया। इसकी फैक्टरी में दर्जन भर लोग काम करते थे, जो कीटनाशक बनाने से लेकर उसे बेचने का काम करते थे।
दो साल से बना रहा था नकली सल्फास
फैक्टरी मालिक से पूछताछ में पता चला कि वह पिछले दो साल से नकली फैक्टरी चला रहा था। सबसे पहले उसने बवाना इलाके में फैक्टरी खोली थी। एक साल पहले पुलिस ने बवाना इलाके में चल रहे कई नकली फैक्टरी का खुलासा किया था। जिसकी वजह से वह डर गया और उसने बवाना की अपनी फैक्टरी बंद कर दी। उसके बाद वह मुंडका इलाके में किराए पर गोदाम लेकर उसमें फैक्टरी चलाने लगा। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी दिल्ली व उसके आस पास के राज्यों के अलावा देश भर में नकली सल्फास को बेच रहा था। पुलिस मालिक से पूछताछ कर जांच में जुटी है।