चार साल पहले हत्या के आरोप में पकड़े गए एक युवक को छुड़वाने के लिए उसके साथियों ने ऐसी साजिश रची कि पुलिस भी उनके झूठ को पकड़ नहीं पाई।
कई सालों तक चले मुकदमे में आरोपी के साथियों ने नाबालिग साबित करने के लिए झूठी टीसी (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) बतौर दस्तावेज पेश कर दी। लेकिन दस्तावेज की जांच कराने पर पूरा मामला खुल गया।
जिसमें खुद जज ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी व उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है जिस पर अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार 2010 में भोंडसी थाना क्षेत्र में हत्या के आरोप में पकड़े गए यूपी कौशांबी निवासी सुरेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद से लगातार स्थानीय कोर्ट में आरोपी के खिलाफ मामला चल रहा था।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी टीसी लगाकर कोर्ट में पेश कर दी। लेकिन मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब एडीजे फलित शर्मा ने दस्तावेज की जांच कराने के आदेश दिए।
बताया जा रहा है कि दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस एडीजे की शिकायत पर बीती शाम सिटी थाना पुलिस ने आरोपी सुरेश, राहुल समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर आत्माराम ने बताया कि मामले की जांच शुरु कर दी गई है जिसमें जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
--कुमार हरिओम