-महरौली में चल रहा था सेंटर, माइक्रोसॉफ्ट का टेक्नीशियन बता कर रहे थे ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण जिला के महरौला थाना पुलिस ने माइक्रोसॉफ्ट का टेक्नीशियन बताकर विदेशियों से ठगी करने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। आरोपी सतबरी में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आठ जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, विदेशी कस्टमर के साथ लाइव कनेक्शन वाले 8 लैपटॉप, अपराध से जुड़ा डेटा वाले 3 और लैपटॉप, 15 हेडसेट और 2 वाई-फाई रॉउटर बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान मोहित जुनेजा, सार्थक शर्मा, हितेश, रेहान, प्रणव, अभिषेक, मानव तनेजा और एक महिला के रूप में हुई है।
जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि महरौली थाना पुलिस को छतरपुर के सतबारी में गली नंबर तीन बड़ी मस्जिद के पास एक इमारत की तीसरी मंजिल पर फर्जी कॉल सेंटर चलाए जाने की जानकारी मिली। महरौली थाने की पुलिस ने दबिश दी तो इमारत में एक गैर-कानूनी रूप से संचालित कॉल सेंटर मिला। पुलिस ने सिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच के लिए साइबर फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को बुलाया। पुलिस ने आठ आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि सभी आरोपी विदेशी नागरिकों से ठगी कर रहे थे। वह खुद को टेक्निकल सपोर्ट रिप्रेजेंटेटिव बताकर और पीड़ितों को नकली रिपेयर सर्विस के बदले गिफ्ट कार्ड से पेमेंट करने के लिए उकसाते थे। आरोपी पीड़ितों को धोखा देने के लिए वीओआईपी बेस्ड कम्युनिकेशन, पॉप-अप अलर्ट, कंप्यूटर से बने फोन नंबर और रिमोट एक्सेस टूल का इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कॉल सेंटर को मोहित जुनेजा चला रहा था। आरोपी विदेशी नागरिकों को धोखाधड़ी वाले पॉप-अप भेजते थे, जिनमें गंभीर मैलवेयर या टेक्निकल खराबी का झूठा दावा किया जाता था। आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट का टेक्नीशियन बताकर सपोर्ट सर्विस के बदले पैसे वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।