अधिकारियों के मुताबिक, ठगों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से अनधिकृत वीओआईपी खरीदे थे। इससे भारतीय सरकार को भारी नुकसान हुआ। इससे आरोपियों ने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1985 का भी उल्लंघन किया है।
अधिकारी नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देंगे। सूत्रों की माने तो आरोपियों ने भारत सरकार को करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।
मास्टरमाइंड फरार, तीन करीबी साथी दबोचे
पुलिस को पकड़े गए लोगों से पूछताछ में पता चला कि गिरोह का मास्टरमाइंड बन्नी है। वह राजा, सुशील, नवीन, पंकज, जसजोत, सरबजोत और सागर के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। यह कॉल सेंटर रात के समय काम करता था।
बन्नी कॉल सेंटर में कम ही आता था। वही कॉल सेंटर में भर्ती के लिए युवकों का साक्षात्कार लेता था। सेंटर से बन्नी के तीन करीबी साथियों लुधियाना पंजाब निवासी जसजोत, मैनेजर सरबजोत और गुरुग्राम निवासी सागर जैन को गिरफ्तार किया गया है। अन्य लोग दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, असम और नगालैंड के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी पढ़े-लिखे हैं और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं।