अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन के नाम पर विदेशी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार देर रात को कार्रवाई करते हुए सेक्टर-18 उद्योग विहार फेज-4 से 30 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान मास्टर माइंड समेत तीन युवक फरार हो गए। पुलिस ने मौके से तीन सीपीयू की हार्ड डिस्क व स्क्रिप्ट व फोटोग्राफ जब्त किए। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कॉल सेंटर से अमेरिका व मैक्सिको के नागरिकों को शिकार बनाया जाता था। दो माह में इनसे 70 से 80 लाख रुपये की ठगी की जा चुकी हैं। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) डीएलएफ करन गोयल ने बताया कि मुख्यारोपी की पहचान की जा चुकी है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस की साइबर अपराध थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बृहस्पतिवार देर रात सेक्टर-18 उद्योग विहार फेज-4 में एसजेई प्राइवेट लिमिटेड नामक की कंपनी के प्रथम तल पर छापा मारा। पुलिस कार्रवाई की सूचना के बाद कॉल सेंटर में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से 25 युवकों और 5 युवतियों को पकड़ा। इनमें 10 कर्मचारी पूर्वोत्तर के रहने वाले है।
पुलिस के आला अधिकारियों ने जांच में पाया कि यहां से एमेजॉन कंपनी के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर अमेरिका और मैक्सिको के नागरिकों से एमेजॉन अकाउंट बंद होने का हवाला देकेर ठगी की जाती है। पुलिस कार्रवाई की सूचना से पहले से मास्टर माइंड समेत तीन युवक फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक इनमें मास्टर माइंड की पहचान उमेश शर्मा के रूप में हुई जबकि मोनिश व विशाल उसके सहयोगी है।
पुलिस ने मौके पर कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य सामान को जब्त कर लिया। पुलिस तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है। एसीपी ने बताया कि इस संबंध में एमेजॉन कंपनी को पत्र लिखकर जानकारी भेजी गई है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मार्च 2018 में साइबर थाना बनने के बाद यह 13वां फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा गया है।
ऐसे करते थे ठगी की वारदात
फर्जी कॉल सेंटर के मुख्यारोपी उमेश शर्मा ने बीते वर्ष नवंबर के अंतिम सप्ताह में यहां पर कॉल सेंटर शुरू किया था। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को बताया गया कि यह एमेजॉन कंपनी का अधिकृत कॉलसेंटर है। उमेश शर्मा व उसके साथी अमेरिका व मैक्सिको के नागरिकों को लिखित व वॉइस संदेश भेजते थे। संदेश भेजने के बाद विदेशी लोगों के द्वारा इस कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1-855-918-0438 पर कॉल आती थी, जिसको कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी उन्हें झांसे में लेकर एमेजॉन के गिफ्ट कूपन, एमेजॉन एनआईसी खाते में डलवाकर उन्हें नकदी में बदल लेते थे। बीते दो माह में कॉल सेंटर कर्मियों ने अब तक 70 से 80 लाख रुपये की ठगी की।
शातिर उमेश की तलाश में पुलिस
पुलिस जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर का सरगना उमेश कई और शहरों में भी ऐसे फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा है। वह बेहद ही शातिर तरीके से विदेशी नागरिकों का डाटा मंगवाकर उन्हें अपना शिकार बनाता था। वह कॉल सेंटर में फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले युवक युवतियों को ही नौकरी पर रखता था। पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है।