गाजियाबाद में ऑटो के इंश्योरेंस कराने के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। कुछ दलालों ने बीमा के नाम पर सरकारी सिस्टम में भी सेंधमारी कर दी है। ऑटो का आठ हजार रुपये में होने वाला बीमा महज दो हजार रुपये में किया जा रहा है।
इतना ही नहीं बीमा करने के बाद उसे एम परिवहन एप पर भी चढ़ाया जा रहा है। अगर, पुलिस रास्ते में ऑटो के इंश्योरेंस की ऑनलाइन जांच करती है तो वह एप पर दिखाई देगा। जिससे ऑटो चालक पुलिस के चालान की कार्रवाई से बच जाएंगे।
ऑटो चालक एवं बीमा करने वाले कुछ दुकानदार अमर उजाला की टीम द्वारा किए गए स्टिंग में साफ बोल रहे हैं कि दो हजार रुपये में इंश्योरेंस कराओगे तो आपके ऑटो के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। 500 रुपये का बीमा किसी भी एप पर शो नहीं करेगा।
जबकि दो हजार रुपये वाला बीमा एप पर चेक करेंगे तो वह चढ़ा हुआ मिलेगा। वह साफ बोल रहे हैं कि किसी दिन ऑटो से दुर्घटना हो जाती है तो 500 और दो हजार रुपये वाले बीमा किसी काम नहीं आएगा। उसमें ऑटो चालक फंस सकते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि एम परिवहन एप पर फर्जी तरीके से किया गया बीमा कैसे फीड हो सकता है, तो उनका जवाब होता है। पैसे उसी के लिए जाते हैं। उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किससे सेटिंग करके बीमा कराएंगे और कहां कराएंगे, लेकिन दावा किया है कि बीमा करने के बाद आपको चेक कराकर भेजेंगे। अमर उजाला के पास इसकी वीडियो मौजूद हैं। आइए देखते हैं चालकों ने इस संबंध में क्या कहा-
केस-1 ऑटो चालक
रिपोर्टर : ऑटो का बीमा कराना है कहां कराएं?
ऑटो चालक : बीमा हो जाएगा, आप गाजियाबाद चले जाओ।
रिपोर्टर : कितने रुपये में होगा बीमा?
चालक : वैसे तो सात या आठ हजार रुपये का होगा।
रिपोर्टर : कुछ ऑटो चालक बोल रहे हैं एक हजार 1500 में हो जाएगा?
चालक : हजार, 1500 रुपये वाला बीमा बेकार है।
रिपोर्टर : 1500 रुपये में एम परिवहन एप पर चढ़ जाएगा?
चालक : अब 1500 रुपये में न चढ़ाते हैं, दो ढाई हजार रुपये लेते हैं।
रिपोर्टर : यहां पर कहां हो जाएगा बीमा?
चालक : आप एक काम करो डासना टोल टैक्स के पास चले जाओ, वहां एक दुकान है वह दो से ढाई हजार में करा देगा।
रिपोर्टर : एक्सीडेंट हो गया तो कुछ मिलेगा या नहीं?
चालक : एक्सीडेंट होने पर कुछ नहीं मिलेगा, जेल भी चले जाओगे।
रिपोर्टर : तुमने कौन सा बीमा करा रखा है?
चालक : भाई हमारा तो वैसे ही फर्जी वाला है।
रिपोर्टर : सभी लोग ऐसे ही चला रहे हैं ऑटो?
चालक : सही वाला बीमा आठ हजार रुपये का है, कौन कराएगा, ऐसे ही चला रहे हैं।
रिपोर्टर : कोई रास्ता तो बताओ
चालक : देखो दो हजार वाला बीमा कराओगे, वह एप पर तो चढ़ा रहेगा, लेकिन अगर कोई मर गया तो आपको पूरा क्लेम देना पड़ेगा। उसकी जिम्मेदारी आपकी होगी।