मरीज स्वस्थ होने के लिए अस्पताल आते हैं, जहां उन्हें नई जिंदगी मिलती है, लेकिन सिविल अस्पताल में प्रबंधन की लापरवाही के कारण लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
नियमों का उल्लंघन कर यहां से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंका जा रहा है, जिसे कुत्ते नोंच और खा रहे हैं। इससे यहां से गुजरने वाले लोगों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। शनिवार को ही अस्पताल परिसर में कुत्ते एक मृत बच्चे के शव को नोंचते देखे गए थे।
अस्पताल के अंदर पॉलीथिन में अलग-अलग कैटेगरी के बायो वेस्ट डाला जाता है, लेकिन इसे बाहर फेंक दिया जा रहा है। समय पर वेस्ट के उठान न होने की वजह से खून लगी रुई और अन्य सामान पर कुत्ते मुंह मार रहे हैं।
यहां कूड़ा उठाने वाले कबाडिय़ों ने बताया कि दो दिनों से पॉलीथिन नहीं होने की वजह से खुले में अस्पताल का वेस्ट डाला जा रहा है। इसमें दवाइयां, ब्लड, कॉटन, सिरिंज और गंदे कपड़े होते हैं।
अस्पताल से निकलने वाले बायो वेस्ट को लेने के लिए एक प्राइवेट कंपनी के पास ठेका है। अस्पताल के आउटसोर्सिंग कंपनी इसे जमा करती है और फिर उसे भोंडसी स्थित एक निजी कंपनी को निस्तारण के लिए दिया जाता है।
बायो मेडिकल वेस्ट संबंधी नियम
-अस्पताल से निकलने वाले कूड़े को 3 हिस्सों में बांटना होता है।
-ब्लड, मानव अंग जैसी चीजों को रेड डिब्बे में डालना होता है।
-कॉटन, सिरिंज, दवाइयां को पीले डिब्बे में डाला जाता है।
-मरीजों के खाने की बची चीजों को ग्रीन डिब्बे में डाला जाता है।
-इन डिब्बे में लगी पॉलीथिन के आधे भरने के बाद इसे पैक करअलग रख दिया जाता है, ताकि इंफेक्शन न हो।