नई बस्ती में बृहस्पतिवार को दवाओं के सैंपल लेने आई ड्रग डिपार्टमेंट की टीम और कारोबारियों के बीच खूब नोकझोंक हुई। कारोबारिया ने अफसरों पर सुविधा शुल्क मंगने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने जैसे-तैसे व्यापारियों को शांत कराया। बाद में पुलिस की देखरेख में टीम 6 दुकानों से 10 सैंपल रवाना हो गई।
मेरठ में कार्रवाई के बाद बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे दो असिस्टेंट कमिश्नर समेत दस ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने गाजियाबाद की नई बस्ती में छापा मारा। छापे की सूचना पूर्व से होने के कारण व्यापारियों ने पहले से ही दुकानें बंद कर रखी थीं।
टीम जैसे ही नई बस्ती पहुंची व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। व्यापार मंडल के पदाधिकारी शिव शंकर राठी, राजीव त्यागी, राजदेव त्यागी, दीपक अग्रवाल समेत सैकड़ों व्यापारी सड़क पर आ गए।
व्यापारियों ने टीम पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। मामले की सूचना पर एसपी सिटी शिव हरि मीणा, एडीएम रक्षपाल सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कपिल सिंह, सीओ अनिल यादव पहुंच गए।
व्यापारियों का कहना था कि ड्रग डिपार्टमेंट के अफसर सैंपल लेने के नाम पर उत्पीड़न करते हैं। अधिकारिया ने 25 लाख रुपये की डिमांड की थी, जिसे न देने पर यह छापामारी की जा रही है।
करीब डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक पुलिस और प्रशासनिक अफसर व्यापारियों को समझाते रहे। अंत में टीम के सदस्यों ने पुलिस की देखरेख में 6 दुकाना से 10 सैंपल लिए। इस दौरान मार्केट पूरी तरह बंद रहा। टीम के जाने के बाद शाम तीन बजे बाजार खुला।
टीम में यह थे सदस्य
टीम में असिस्टेंट कमिश्नर (मेरठ) एके जैन, असिस्टेंट कमिश्नर (लखनऊ) पीपी सिंह के साथ कई जनपदों के ड्रग्स इंस्पेक्टर जिसमें लवकुश प्रसाद, विवेक सिंह, जुनाब अली, एके गुप्ता, मनोज गुप्ता, अतुल उपाध्याय, एके बंसल, वैभव बब्बर, मुकेश पालीवाल और आशुतोष चौबे।
इन दुकानों के लिए सैंपल
राज सर्जिको, गणेश मेडिकोज, मेडिवेज वैक्सीन, ओबराय फार्मा, मुकेश मेडिकोज और गुडलक मेडिकोज से सैंपल लिए गए।