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FB टॉप ट्रेंड JNU: 20 लाख लोगों ने शेयर किया विवादित वीडियो

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अफजल गुरु शहादत दिवस और देश विरोधी नारों के चलते विवादों में आया जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) सोशल मीडिया के टॉप ट्रेंड में चल रहा है।
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फेसबुक के टॉप ट्रेंड में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष देशद्रोह में गिरफ्तार, तो दूसरा जेएनयू को बंद करना है। फेसबुक पर करीब एक करोड़ यूजर्स ने इससे जुड़ी खबरों पर अपडेट रखा है।

वहीं, करीब बीस लाख से अधिक ने विवादित वीडियो शेयर किए हैं। पाकिस्तान और कश्मीर में वीडियो की सबसे अधिक डिमांड है। जेएनयू कंफेशन (फेसबुक पर छात्रों की कम्यूनिटी) पेज पर छात्रों ने विरोध दर्ज किया है।
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मैं मेरे देश में मेरे विश्वविद्यालय की बदनामी से आहत

कंफेशन नंबर 1358 पर यूजर लिखते हैं कि मेरी दोस्त इंटरनेशनल स्टूडेंट है। कहती है कि भारतीय हॉस्टल में सामान गुम हो गया। आखिर किसने चुराया मेरा सामान और दोस्त।

विदेशी मेहमान कह रही है कि आखिर वो अपने देश में क्या जवाब देगी कि उसका विश्वविद्यालय देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है। मैं उम्मीद करती हूं कि छात्रसंघ इस मसले को सुलझा लेगा।

यूनाइटेड स्टेट में निजी कंपनी में कार्यरत अवधहुत व पूर्व छात्र लिखते हैं कि भारत में असहिष्णुता बढ़ रही है और बड़े कलाकारों ने अवॉर्ड देने का काम किया। आखिर जेएनयू विवाद और हेडली के कंफेशन के बाद असहिष्णुता पर अवॉर्ड वापसी गैंग कहा चला गया। जेएनयू चुनाव में आप का दूसरा विंग था, आखिर वो क्या खामोश है।

जवाहर को तवायफों के साथ कामकाज का अच्छा अनुभव है

प्रो. राय डेनिल ने हरियाणा सीएम के ओएसडी जवाहर यादव के ट्वीट पर विवादित पलटवार किया है। डेनिल लिखते हैं कि जवाहर को तवायफों के साथ कामकाज का अच्छा अनुभव है, तभी तो उन्होंने लिख दिया कि तवायफे भी जिस्म बेचती हैं, देश नहीं।

डेनिल यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि उनके पास पैसा होगा, तभी तो वे उनकी ऊंची कीमत दे पाते हैं। क्योंकि वे बहुत महंगी होती हैं। तभी तो उन्होंने कह दिया कि जेएनयू में प्रदर्शन करने वाली छात्राओं से बेहतर तो सेक्स वर्कर होती हैं।

हालांकि उनकी इस प्रतिक्रिया पर ढेरों कमेंट भी आए हैं। यूजर्स का कहना है कि यादव ने गलत ट्वीट किया और बयान भी बदला पर विवादित मामले में शिक्षक को बीच में नहीं आना चाहिए।
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देशभर के विश्वविद्यालय फेसबुक पर जुटे

जेएनयू विवाद के बाद विवि छात्रों को फेसबुक पर नए दोस्त बनाने की अनुमति लेने की होड़ लग गई है। एबीवीपी छात्रों को सबसे अधिक नए दोस्त मिलें हैं, जो देशभर के विश्वविद्यालयों व कम्यूनिटी से जुड़े हुए हैं। गौरव झा को चार दिनों में करीब दो सौ नए यूजर्स ने दोस्त बनाने की अनुमति मांगी है।

टीवी, अखबारों में जेएनयू विवाद से जुड़ी खबरें आने के चलते देश के विभिन्न भागों से आने वाले छात्र बेहद परेशान हैं। क्योंकि परिजन व दोस्त हर दूसरे मिनट उनकी खैर-खबर पूछ रहे हैं।

व्हाट्सऐप पर संदेशों का आना-जाना जारी है। आकृति बताती हैं कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक के छात्र यहां पढ़ते हैं। देश तो छोड़ो विदेशी छात्र भी बेहद परेशान हैं।

जेएनयू में करीब 30 से अधिक देशों के छात्र पढ़ते हैं। शुक्रवार को विवाद बढ़ने के बाद इन विदेशी छात्रों को उनके देश से लेकर दिल्ली में स्थित दूतावास से फोन आया कि यदि वे असहज महसूस कर रहे हैं, तो उनके वापस जाने का इंतजाम हो सकता है। विदेशी छात्र परेशान हैं, क्योंकि उनके घर वाले उनसे वापस लौटने की बात करने लगे हैं।
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