पूर्वी दिल्ली के करावल नगर निवासी रवि वर्मा पेशे से इंजीनियर हैं। केंद्र सरकार के सीपीडब्ल्यूडी में तैनात रवि का 18 वर्षीय बेटा सुमित कुछ दिनों से आंखों में जलन और शाम को कम रोशनी की शिकायत कर रहा था। चिकित्सीय जांच में पता चला कि प्रदूषण और धूल के कणों की वजह से रवि की आंखों में संक्रमण हो गया है।
लोकनायक अस्पताल के डॉ. महेश बताते हैं कि सुमित की तरह कई युवाओं में कुछ दिन से इस तरह की परेशानी देखने को मिल रही है। अस्पताल में 15 दिन के भीतर करीब 50 से 60 युवा मरीज आ चुके हैं। वहीं, एक निजी आंख के अस्पताल के निदेशक डॉ. संजय चौधरी का कहना है कि उनके यहां भी इस तरह के मरीज आ रहे हैं।
इसी तरह सेंटर फॉर साइट के डॉ. महिपाल ने बताया कि लोगों में आंखों को की सुरक्षा को लेकर जागरूकता कम देखने को मिलती है। आमतौर पर दिल्ली में प्रदूषण का स्तर ज्यादा है। दिवाली के आसपास हालात और भी बिगड़ जाते हैं। इसलिए ऐसी शिकायतें मिलने लगती हैं। लोगों को प्रदूषण से बचाव के उपाय करने चाहिए।