नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने आदेश दिया है कि प्रतिबंध के दौरान निर्माण गतिविधि कर प्रदूषण फैलाने वाले यदि पर्यावरणीय जुर्माना भरने से इनकार करें तो उन पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाए।
पीठ ने संबंधित प्राधिकरणों से कहा कि प्रदूषण फैलाने वालों को अगली सुनवाई में पेश भी किया जाए। मामले पर अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को यह आदेश दिया है।
पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि निर्माण कार्य के जरिये आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। दिल्ली सरकार और संबंधित नगर निकाय ऐसे बिल्डरों को नोटिस जारी करें जो धूल प्रदूषण और उत्सर्जन के जरिये पर्यावरणीय क्षति कर रहे हैं।
सुनवाई के दौरान सरकार और निकाय ने कहा कि उन्होंने कई बिल्डरों पर एक हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है लेकिन, संबंधित निर्माण कर्ता जुर्माना भरने से इनकार कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि सभी पर अतिरिक्त जुर्माना लगेगा, उन्हें नोटिस जारी कर एनजीटी में पेश होने के लिए कहा जाए। एनजीटी ने हाल ही में वायु प्रदूषण के चलते दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधि पर प्रतिबंध लगाया था।