जेल में बंद बदमाश अपने साथियों की मदद से मध्य जिले में रंगधारी का धंधा चला रहा था। इलाके में अपना रौब जमाने के लिए आरोपी 2019 में एक कारोबारी की हत्या करवा दी। मध्य जिला पुलिस ने जेल से चल रहे इस गैंग का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान भानू प्रताप (21), अशोक कुमार उर्फ बिच्छुआ (40) और मुख्य आरोपी महेश उर्फ मन्नू (39) के रूप में हुई है। महेश गैंगलीडर है और फिलहाल 2014 से जेल में बंद है। पुलिस ने तिहाड़ जेल से ही आरोपी की गिरफ्तारी अपने केस में की है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस को गैंग के दो अन्य बदमाशों की तलाश है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि 28 नवंबर 2019 को करोल बाग निवासी जुगल किशोर (62) ने कुछ बदमाशों के बीस लाख रुपये मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। जुगल पेशे से बिल्डर हैं। 26 और 27 नवंबर को कुछ बदमाशों ने उनको मोबाइल पर व्हाट्सऐप नंबर से कॉल कर बीस लाख रुपये मांगे।
आरोपियों ने रुपये हर माह पचास हजार रुपये किस्त के रूप में देने के लिए कहा। मना करने पर आरोपियों ने जुगल और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। बाद में जुगल पर हमला करवा दिया गया, लेकिन वह बच गए। पुलिस ने जुगल की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। इस बीच पुलिस व्हाट्सऐप कॉश्ल के नंबर के आधार पर मोहन गार्डन निवासी एक युवक तक पहुंची। उसने बताया कि एक साल पहले उसका मोबाइल खो गया था, लेकिन उसने कोई शिकायत नहीं दी थी। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
इधर लंबी छानबीन के बाद करोल बाग थाना पुलिस ने करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज व सीडीआर खंगाला। इसके बाद पुलिस एक आरोपी अशोक कुमार की पहचान करने में कामयाब हुई। इसके बाद पुलिस ने भानू प्रताप को भी गिरफ्तार कर लिया। अशोक ने खुलासा किया कि उन्होंने गोविंद उर्फ गोलू और राहुल लड्डू के साथ मिलकर जुगल पर हमला किया था।
यही नहीं जेल में बंद अपने गैंगलीडर महेश के कहने पर बिल्डर से रंगदारी मांगी गई। पुलिस ने औपचारिक रूप से महेश को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल भी कर ली। उसने बताया कि अतर रहमान नामक जेल में बंद दोस्त के कहने पर उसने अपने इलाके के कारोबारी और बिल्डरों से रकम वसूलने की योजना बनाई थी।