गर्भवती पत्नी की हत्या के जुर्म में दोषी शख्स ने अनाथ व विशेष जरूरत वाले बच्चों और अपने अंग दान करने की अनुमति मांगी है। अदालत ने दोषी को अनुमति देने संबंधी संभावना तलाश करने का निर्देश तिहाड़ जेल प्रशासन को दिया है।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. कामिनी लाऊ ने दोषी महेश कुमार चौहान के आवेदन पर सुनवाई के उक्त निर्देश जेल प्रशासन को दिया है। मुकेश ने अपने आवेदन में लिखा है कि वह अपना रक्त व अंग दान करना चाहता है।
इसके उसने अनाथ व जरूरतमंद बच्चों की सेवा करने की इच्छा जाहिर की है। अदालत ने मुकदमे का फैसला सुनाते हुए मुकेश के उस इकबालिया को खारिज कर दिया जिसमें उसने अपनी पत्नी व मानसिक रूप से विकृत छह साल के बेटे की हत्या की बात कही। अदालत ने मुकेश को केवल पत्नी की हत्या का दोषी ठहराते हुये आजीवन कारावास की सजा सुनायी है।